हरियाली सरंक्षण के लिए पेड़ काटने की बजाय शिफ्ट किया जाएगा – आगे आया लोक निर्माण विभाग, एक जुलाई से एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत 1 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य

हरियाली सरंक्षण के लिए पेड़ काटने की बजाय शिफ्ट किया जाएगा
– आगे आया लोक निर्माण विभाग, एक जुलाई से एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत 1 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य
भोपाल, यश भारत । लोक निर्माण विभाग हरियाली ओर जल संरक्षण की योजना पर कार्य करने जा रहा है। यह इस विभाग के लिए एक चुनौती पूर्ण कार्य रहेगा। क्यों कि यह मूल कार्य से अलग हटकर है। इस कार्य में हरियाली को बचाने के लिए पेड़ों की शिफ्टिंग, सडक़ किनारे पौधों को लगाना, जल संरक्षण के लिए सडक़ किनारे बोर रिचार्ज के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिं पर भी कार्य करेगा। मध्य प्रदेश शासन का लोक निर्माण विभाग अब सिर्फ सडक़ें और भवन नहीं बना रहा, बल्कि हरियाली, जल संरक्षण और पर्यावरणीय सततता को भी अपने विकास कार्यों का अनिवार्य हिस्सा बना चुका है। विभाग ने 1 जुलाई से एक पेड़ माँ के नाम 2.0 अभियान के अंतर्गत 1 लाख पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो राज्यभर के स्कूलों, सडक़ों और विभागीय परिसरों में व्यापक रूप से संपन्न होगा।
हरियाली संरक्षण के लिए ट्री-शिफ्टिंग
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ठोस कदम उठाते हुए लोक निर्माण विभाग ने अब पेड़ काटने की बजाय उनके स्थानांतरण (ट्री-शिफ्टिंग) को बढ़ावा दिया है। इस नीति को विभाग की एसओआर में शामिल किया गया है।
उदाहरणस्वरूप, भोजपुर–बंगरसिया मार्ग चौड़ीकरण परियोजना में 450 से अधिक पेड़ काटे नहीं जाएंगे, बल्कि सुरक्षित रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाएंगे।
भू-जल संरक्षण के लिए रिचार्ज बोर और वॉटर हार्वेस्टिंग
लोक निर्माण विभाग ने वर्षा जल संरक्षण के लिए सडक़ किनारे रिचार्ज बोर निर्माण की योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य जमीन के अंदर जल स्त्र को बढ़ाना है। अब से सभी फ्लाईओवर, रेलवे ओवर ब्रिज और एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा। इससे शहरी जल संकट को कम करने में सहायता मिलेगी।
खुदाई स्थलों को जल-संरचना में बदलने पर होगा कार्य
लोक निर्माण विभाग ने लोक कल्याण सरोवर योजना के अंतर्गत सडक़ निर्माण में प्रयुक्त मिट्टी के गड्ढों को स्थायी जल संरचनाओं में बदलने का निर्णय लिया है। इन सरोवरों को वैज्ञानिक रूप से डिजाइन किया जाएगा। सुंदरता बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण और सूचना पट्ट लगाए जाएंगे, जियो-टैगिंग से डिजिटल ट्रैकिंग की सुविधा रहेगी। विभाग ने 500 लोक कल्याण सरोवरों के निर्माण का लक्ष्य तय किया है।
ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता
लोक निर्माण विभाग अब हरित भवनों की दिशा में भी कार्य कर रहा है। विभागीय भवनों में अब ऊर्जा दक्ष डिज़ाइन,पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्री, प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन पर जोर, भविष्य के परिचालन लागत में कमी जैसी बातें प्राथमिकता बन गई हैं। इन सभी पहलों से यह स्पष्ट है कि लोक निर्माण विभाग अब केवल सडक़ या भवन निर्माण निर्माण का ही नहीं, बल्कि हरियाली संरक्षण, जल प्रबंधन और पर्यावरणीय संतुलन का भी एक मॉडल विभाग बन रहा है। यह राज्य को हरित और सतत विकास की ओर ले जाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।







