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माध्यमिक शिक्षक के स्थानांतरण आदेश पर हाईकोर्ट की रोक: कटनी से जबलपुर तबादला हुआ निरस्त

जबलपुर, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षक गणेश यादव के स्थानांतरण आदेश दिनांक 7 जून 2025 और उन्हें कार्यमुक्त करने पर रोक लगा दी है. यह निर्णय याचिका क्रमांक गणेश यादव बनाम शासन में न्यायमूर्ति के आदेश के बाद आया है, जिसमें कोर्ट ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए 19 जून 2025 को यह महत्वपूर्ण आदेश पारित किया.

याचिकाकर्ता गणेश यादव की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता सत्येन्द्र ज्योतिषी ने न्यायालय को बताया कि याचिकाकर्ता माध्यमिक शिक्षक के पद पर शासकीय हाई स्कूल गोपालपुर, तहसील ढीमरखेड़ा, जिला कटनी में कार्यरत थे. उनका स्थानांतरण शासकीय हाई स्कूल कटंगी, जिला जबलपुर कर दिया गया था, जो कि लगभग 125 किलोमीटर दूर है. अधिवक्ता ज्योतिषी ने बताया कि इससे पहले भी प्रार्थी को शासकीय माध्यमिक शाला गोरा में अटैच किया गया था.

गणित शिक्षक की कमी और नियम विरुद्ध कार्यमुक्ति

अधिवक्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि जिस स्कूल में प्रार्थी पदस्थ थे, वहां छात्र-शिक्षक अनुपात के अनुरूप शिक्षकों की कमी है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गणेश यादव गणित विषय के एकमात्र शिक्षक हैं, और उनके स्थान पर किसी अन्य शिक्षक ने ज्वाइन नहीं किया है, न ही किसी शिक्षक का स्थानांतरण हुआ है. इसके बावजूद, उन्हें गलत तरीके से स्थानांतरित कर दिया गया.

याचिका में यह भी बताया गया कि प्रार्थी को संकुल प्राचार्य के द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से कार्यमुक्त कर दिया गया था. इतनी दूर स्थानांतरण और नियमों की अनदेखी के संबंध में प्रार्थी द्वारा अभ्यावेदन भी प्रस्तुत किया गया था, परंतु उस पर कोई कार्यवाही नहीं होने पर उन्होंने माननीय हाईकोर्ट में याचिका दायर की.


आयुक्त लोक शिक्षण को निर्देश: पूर्व संस्था में कार्य करने की अनुमति

न्यायालय ने मामले की गंभीरता को समझते हुए आयुक्त लोक शिक्षण भोपाल को आदेशित किया है कि प्रार्थी को स्थानांतरण वाली संस्था में जाने के लिए बाध्य न किया जाए. इसके बजाय, प्रार्थी को अपनी पूर्व की संस्था शासकीय हाई स्कूल गोपालपुर में कार्य करने की अनुमति प्रदान की जाए. साथ ही, आयुक्त भोपाल को यह भी निर्देशित किया गया है कि प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर विचार करते हुए विधिसम्मत आदेश पारित करें.इस फैसले से शिक्षक गणेश यादव को बड़ी राहत मिली है और यह उन अन्य शिक्षकों के लिए भी एक मिसाल कायम कर सकता है जो अनुचित स्थानांतरण से प्रभावित हैं. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सत्येन्द्र ज्योतिषी ने प्रभावी पैरवी की.

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