दिल्ली के नालों की सफाई का जायजा अब दो विभाग मिलकर लेंगे, संयुक्त रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
CLEANING DRAINS IN DELHI

दिल्ली में मानसून के आने से पहले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अब लोक निर्माण विभाग (PWD) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग मिलकर काम करेंगे। इन दोनों विभागों को संयुक्त रूप से दिल्ली के नालों की सफाई और मरम्मत का निरीक्षण करने और अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा ने सभी इंजीनियरों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि उनके विभाग के अंतर्गत आने वाली दिल्ली की 1,259 किलोमीटर सड़कों पर बने नालों का निरीक्षण किया जाए और इसकी रिपोर्ट 28 मई तक सौंपी जाए। इससे पहले, मंत्री वर्मा ने मानसून से पहले नालों की सफाई के लिए 31 मई की समय सीमा तय की थी।
हाल ही में दिल्ली-एनसीआर में हुई बेमौसम बारिश ने शहर में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा कर दी थी। इस वजह से नई सरकार के सामने मानसून के दौरान जलभराव से निपटना एक बड़ी चुनौती बन गया है। बुधवार शाम को दिल्ली में आई तेज आंधी और बारिश के दौरान जानहानि भी हुई। इसी को ध्यान में रखते हुए, मंत्री प्रवेश वर्मा ने लोक निर्माण विभाग और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग को मिलकर नालों की सफाई और मरम्मत का निरीक्षण करने और रिपोर्ट देने के लिए कहा है, ताकि मानसून से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा सकें।
उधर, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने भी जलभराव की समस्या से निपटने के लिए एक योजना तैयार की है। चूंकि दिल्ली में अभी सरकार से लेकर सिविक बॉडीज तक में बीजेपी सत्ता में है, इसलिए अब जिम्मेदारी से पीछे हटने का कोई बहाना नहीं है। हाल की बारिश में हुई जलभराव की समस्या को देखते हुए, संबंधित विभागों से निरीक्षण कार्य पूरा कर रिपोर्ट मांगी गई है। NDMC ने नई दिल्ली इलाके में जलभराव और अन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अपने मुख्यालय में एक सेंट्रल कमांड सेंटर भी बनाया है, जिसके माध्यम से निगरानी की जा रही है।
इस कमांड सेंटर को दिल्ली सरकार समेत अन्य एजेंसियों के साथ एकीकृत करने पर भी विचार चल रहा है। इसका उद्देश्य एक ऐसा साझा कमांड सिस्टम बनाना है, जिससे कमांड सेंटर में बैठकर पूरी दिल्ली पर नजर रखी जा सके। मुख्यमंत्री या अन्य अधिकारी यहां से किसी भी इलाके में जलभराव या अन्य समस्या की स्थिति जान सकेंगे और फिर जलभराव को खत्म करने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर सकेंगे। इसके अलावा, सभी पंपिंग सेट को ऑटोमेटिक किया जा रहा है, जिन्हें मोबाइल से भी चलाया जा सकेगा, और यह सब इसी कमांड सेंटर से नियंत्रित किया जा सकेगा। मंत्री वर्मा ने बताया कि दिल्ली में नालों की सफाई की मुख्य जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के पास है।
गौरतलब है कि मई के पहले सप्ताह में दिल्ली में एक दिन में 78 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जो मई महीने में 1901 के बाद दूसरी सबसे अधिक 24 घंटे की वर्षा थी, जिससे शहर में काफी अस्त-व्यस्तता फैल गई थी।







