बेटी के जन्म पर पति की शर्मनाक करतूत: पत्नी पर पेशाब कर पीटा और घर से निकाला,
7 पर केस दर्ज

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में मानवता को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने आरोप लगाया है कि बेटी को जन्म देने के बाद उसके पति ने न सिर्फ उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, बल्कि नशे की हालत में उस पर पेशाब कर अपमानित भी किया। इतना ही नहीं, दहेज की मांग पूरी न होने पर उसे बेटी सहित घर से निकाल दिया गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति सहित ससुराल पक्ष के सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शादी के बाद प्रताड़ना का दौर, बेटी के जन्म ने बढ़ाया जुल्म
चकेरी थाना क्षेत्र की निवासी पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका विवाह 19 फरवरी 2022 को कानपुर देहात के एक गांव के युवक से हुआ था। शादी के शुरुआती दिनों से ही पति और ससुराल वाले उसे शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान करने लगे थे। पीड़िता के अनुसार, जब उसने एक बेटी को जन्म दिया, तो ससुराल वालों की नाराजगी और बढ़ गई। बेटी पैदा होने पर उसे लगातार ताने मारे जाने लगे। उसने आरोप लगाया है कि बेटी के जन्म के बाद से ही उसका पति उसके साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार करने लगा, नशे में मारपीट करता था और अपमानित करने के लिए उस पर पेशाब भी करता था।
लाखों की दहेज मांग और बेटी संग घर से बेदखली
पीड़िता ने बताया कि उसके ससुराल वाले लगातार मायके से 5 लाख रुपये लाने का दबाव बना रहे थे। यह मांग पूरी न होने पर अत्याचार की सीमाएं लांघ दी गईं। महिला का आरोप है कि बीते 14 अगस्त 2024 को पति और परिवार के अन्य सदस्यों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और उसे उसकी मासूम बेटी के साथ घर से निकाल दिया। इस घटना के बाद से वह अपने मायके में रहने को मजबूर है। पीड़िता ने यह भी बताया कि उसका पति शराब का आदी है और उसने उसके सारे गहने बेचकर पैसे शराब और जुए में उड़ा दिए हैं।
7 लोगों पर FIR दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर, चकेरी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पति समेत ससुर, सास, ननद, ननदोई सहित ससुराल पक्ष के कुल 7 लोगों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। चकेरी थाना प्रभारी संतोष कुमार शुक्ला ने पुष्टि करते हुए बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और तथ्यों की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह घटना समाज में नवजात बच्चियों के प्रति नकारात्मक सोच और दहेज लोभियों की क्रूरता को एक बार फिर उजागर करती है।







