कटनी, यशभारत। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश पीठासीन अधिकारी श्रीमती सिद्धि मिश्रा द्वारा आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के एक मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी विमलेश कुमार सिंह निवासी जगदेव नगर पोस्ट अनाईट भोजपुर जिला भोजपुर बिहार को दोषमुक्त कर दिया है। आरोपी की तरफ से अधिवक्ता नितिन विश्वकर्मा ने पैरवी की। आरोपी विमलेश कुमार सिंह पर यह आरोप था कि उसने 6 जनवरी 2023 को गायत्रीनगर निवासी साधना सिंह से शादी करने की बात कहकर उसके साथ शादी न करके मानसिक रूप से प्रताडि़त करते हुए आत्महत्या करने के लिए उकसाया, जिसके परिणामस्वरुप साधना सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आरोपी विमलेश कुमार सिंह बिहार का रहने वाला था। जो 16 दिसम्बर 2022 को अपने बेटा, बेटी, पत्नी एवं साधना सिंह को अपने साथ लाया था। विमलेश ने साधना के रहने के लिए श्रीराम शुक्ला का मकान किराए से दिलवाया, जिसमें साधना अकेली रहती थी। घटना वाले दिन साधना सिंह आरोपी का फोन नहीं उठा रही थी, तब मकान में जाकर देखा तो साधना फांसी पर झूल रही थी। पुलिस ने मर्ग दर्ज करते हुए पीएम कराकर शव परिजनों को सौंपा और विवेचना प्रारंभ की। विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। विवेचना पूर्ण होने पर अभियोग पत्र पेश किया गया। न्यायालय द्वारा आरोपी के विरुद्ध विचारण प्रारंभ किया गया। बचावपक्ष के अधिवक्ता नितिन विश्वकर्मा ने न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि अभियोजन द्वारा घटना दिनांक को मौके पर आरोपी की उपस्थिति प्रमाणित नहीं की जा सकी है और न ही प्रकरण में ऐसा कोई साक्ष्य है, जिससे यह प्रमाणित हो कि आरोपी द्वारा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से आत्महत्या के लिए प्रेरित किया गया हो। माननीय न्यायालय द्वारा बचावपक्ष के तर्कों को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को दोषमुक्त किया गया।कटनी, यशभारत। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश पीठासीन अधिकारी श्रीमती सिद्धि मिश्रा द्वारा आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के एक मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी विमलेश कुमार सिंह निवासी जगदेव नगर पोस्ट अनाईट भोजपुर जिला भोजपुर बिहार को दोषमुक्त कर दिया है। आरोपी की तरफ से अधिवक्ता नितिन विश्वकर्मा ने पैरवी की। आरोपी विमलेश कुमार सिंह पर यह आरोप था कि उसने 6 जनवरी 2023 को गायत्रीनगर निवासी साधना सिंह से शादी करने की बात कहकर उसके साथ शादी न करके मानसिक रूप से प्रताडि़त करते हुए आत्महत्या करने के लिए उकसाया, जिसके परिणामस्वरुप साधना सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आरोपी विमलेश कुमार सिंह बिहार का रहने वाला था। जो 16 दिसम्बर 2022 को अपने बेटा, बेटी, पत्नी एवं साधना सिंह को अपने साथ लाया था। विमलेश ने साधना के रहने के लिए श्रीराम शुक्ला का मकान किराए से दिलवाया, जिसमें साधना अकेली रहती थी। घटना वाले दिन साधना सिंह आरोपी का फोन नहीं उठा रही थी, तब मकान में जाकर देखा तो साधना फांसी पर झूल रही थी। पुलिस ने मर्ग दर्ज करते हुए पीएम कराकर शव परिजनों को सौंपा और विवेचना प्रारंभ की। विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। विवेचना पूर्ण होने पर अभियोग पत्र पेश किया गया। न्यायालय द्वारा आरोपी के विरुद्ध विचारण प्रारंभ किया गया। बचावपक्ष के अधिवक्ता नितिन विश्वकर्मा ने न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि अभियोजन द्वारा घटना दिनांक को मौके पर आरोपी की उपस्थिति प्रमाणित नहीं की जा सकी है और न ही प्रकरण में ऐसा कोई साक्ष्य है, जिससे यह प्रमाणित हो कि आरोपी द्वारा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से आत्महत्या के लिए प्रेरित किया गया हो। माननीय न्यायालय द्वारा बचावपक्ष के तर्कों को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को दोषमुक्त किया गया।