
जबलपुर, यशभारत। एक बार फिर जूनियर डाॅक्टर अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर जा सकते हैं। भोपाल के जूनियर डाॅक्टरों ने हड़ताल की पूरी तैयारी कर ली है जबकि जबलपुर के जूडा आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
मालूम हो कि प्रदेश के समस्त जूनियर डॉक्टर 9 से लेकर 11 मार्च 2024 तक काली पटटी बांधकर काम कर रहे हैं की बहुत लंबी हड़ताल के बाद जून 2021 में जब सरकार ने जूडा के वेतन संबंधी मांगों का एवं समस्याओं का निराकरण निकला तो उसमें कहा गया कि की कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के अकॉर्डिंग हर साल अप्रैल में उनके वेतन में बढ़ोतरी की जाएगी 2022 अप्रैल में पहली बढ़ोतरी होनी थी नवंबर 2022 में उसके बाद 2023 अप्रैल में बढ़ोतरी होनी चाहिए थी जो कि आज तक नहीं हुई है और अप्रैल 2024 आ बीत चुका है।
चिकित्सा सेवाएं बेहतर रहे इसका प्रयास करते हैं
जूडा का कहना है कि जूनियर डॉक्टर दिन रात भूखे प्यासे लगातार अपना काम करते रहते हैं ताकि प्रदेश की चिकित्सा सेवाएं कभी भी रूके ना और प्रदेश की जनता को कोई भी दिक्कत का सामना ना करना पड़े और उनकी दूसरी मांगों के ऊपर ध्यान नहीं दिया जाता हमें बार-बार हड़ताल के लिए खड़ा होना पड़ता है हमें बार-बार सरकार का ध्यान इस तरफ लाना पड़ता है डॉक्टर का वेतन सीधे बड़ा कर एक लाख रुपये कर दिया जाए। चिकित्सा शिक्षा की फीस है उसे 10 से 15000 तक किया जाए जो कि अभी 115000 है और हमारे पड़ोसी राज्यों में यही फीस 10 से 20 हजार रुपए है इसके अलावा हम सभी जूनियर डॉक्टर का 5 वर्षों का चिकित्सा बीमा चाहते हैं सीनियर रेजिडेंसी की सीट में बढ़ोतरी चाहते हैं और नॉन क्लीनिकल डिपार्टमेंट में भी सीनियर रेजिडेंसी की सीट शो अनैतिक और क्रूर तरीके का बंद है क्योंकि इसका शिक्षा के अलावा किसी भी किसी भी पढ़ाई शिक्षा स्त्रोत में इस तरह का बंद नहीं इंप्लीमेंट किया जाता इस तरह का बंद नहीं है तो हम चाहते हैं कि और वर्ल्ड को हटाया जाए अथवा जो चिकित्सा और बंद करने के लिए गांव में जाते हैं उन्हें एक्स्ट्रा इंसेंटिव दिया जाए ये मांगे पूरी नहीं होती है तो हड़ताल पर जाएंगे।







