कटनीजबलपुरमध्य प्रदेश

दूसरे दलों के नेताओं के लिए बीजेपी ने खोले दरवाजे : कल भोपाल में कटनी के कुछ नेताओं को सदस्यता दिलाएंगे वी डी शर्मा

 

कटनी, यशभारत। लोकसभा चुनाव के पहले अपना जनाधार बढ़ाने के लिए भाजपा ने दूसरे दलों के नेताओं के लिए अपने दरवाजे खोल दिये हैं। पार्टी ऐसे लोगों को भाजपा से जोड़ रही है जिनका उनके अपने दलों में तो प्रभाव हैए साथ ही जनता में भी वे गहरी पकड़ रखते हैं। पार्टी ज्वाइन कराने के लिए बकायदा प्रदेश और जिला स्तर पर समिति बना दी गई हैं जो भाजपा में शामिल होने के इच्छुक लोगों की एंट्री से जुड़े मामले देखेगी। सूत्रों के मुताबिक कटनी के कुछ कांग्रेस नेता जल्द ही पाला बदलने को तैयार है। भोपाल जाकर कुछ नेता तो कल ही कांग्रेस को झटका दे सकते हैं।

विधानसभा चुनाव में जीत से उत्साहित भाजपा लोकसभा चुनाव के लिए बिसात बिछाने में लगी हुई है। हर लोकसभा सीट के सामाजिक समीकरणों को साधने से लेकर उस इलाके में पकड़ और प्रभाव रखने वाले नेताओं को पार्टी से जोडऩे का लक्ष्य निर्धारित कर लिया गया है। समूचे प्रदेश के साथ कटनी में भी यह अभियान शुरू किया जा चुका है। सूत्र बताते हैं कि कटनी की कांग्रेसी सियासत में सक्रिय कुछ नेता जल्द ही भाजपा खेमे में नजर आएंगे। इनकी भाजपा में बात हो भी चुकी है। एक नाम तो निकलकर आ भी गया है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से कांग्रेस के विभिन्न पदों में सक्रिय रहे सुजीत द्विवेदी कल भोपाल में साथियों सहित भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि अन्य दलों से आकर भाजपा ज्वाइन करने के इच्छुक नेताओं की आमद के लिए पार्टी ने कटनी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पीतांबर टोपनानी को प्रभारी बनाया है। वे ज्वाइनिंग से जुड़े सारे मामले देख रहे हैं। सुजीत द्विवेदी से उनकी मुलाकात हो चुकी है। कल 3 फरवरी को राजधानी भोपाल में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाएंगे।

कई और नाम कतार में

सूत्रों के मुताबिक विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस के लोगों का मोह पार्टी से भंग हो रहा है। वजह यह है कि उन्हें अपना भविष्य भी कांग्रेस में रहते हुए सुरक्षित नजर नही आ रहा। एक नेता ने बताया कि उम्मीद थी कि इस बार प्रदेश में कांग्रेस की वापसी हो जाएगी तो पूरा राजनीतिक परिदृश्य बदल जायेगा लेकिन भाजपा की बड़े बहुमत से बनी सरकार ने कांग्रेसियों के हौसले पस्त कर दिए। उन्हें लग रहा है कि अब केवल उनके हिस्से सडक़ पर संघर्ष ही बचा है। सत्ता का सुख भोगना है तो कमल का फूल थामना होगा। कांग्रेसियों का यह भी कहना है कि बीजेपी की सरकार आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी उनकी कोई पूछ परख नही रह गई। छोटे छोटे काम नही हो पा रहे। इसके अलावा अधिकारी कर्मचारी कांग्रेस नेताओं को इंटरटेन करने से बचने लगे हैं। दावा किया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के पहले कटनी के कई और नेता कांग्रेस छोडेंग़े।

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