
छह चरणों के बाद भी 87 शराब दुकानें खाली
अब 10 प्रतिशत कम कीमत पर होगा आवंटन
जबलपुर, यश भारत। जिले में वर्ष 2026-27 के लिए शराब दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया लगातार जारी है, लेकिन छह चरण पूरे होने के बाद भी बड़ी संख्या में दुकानें खाली रह गई हैं। शुरुआत में जिले की 143 शराब दुकानों के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसमें अलग-अलग चरणों में टेंडर और नीलामी आयोजित की गई, लेकिन इसके बावजूद अब भी 87 दुकानें आवंटित नहीं हो सकी हैं। स्थिति को देखते हुए आबकारी विभाग ने सातवें चरण में नई रणनीति अपनाई है। इस बार शेष बची दुकानों को पुनर्गठित कर समूहों में बांटा गया है और ठेकेदारों को आकर्षित करने के लिए बेस्ट प्राइस से 10 प्रतिशत तक कम दर पर आवंटन का विकल्प दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि पहले
चरणों में अधिक दरों और प्रतिस्पर्धा के चलते कई समूहों में बोली नहीं लगी थी, जिससे यह स्थिति बनी। अब विभाग को उम्मीद है कि कम कीमत और संशोधित शर्तों के चलते ठेकेदार आगे आएंगे और शेष दुकानों का आवंटन पूरा हो सकेगा। इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से पारदर्शी तरीके से संचालित किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे। स्थानीय स्तर पर शराब कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि बाजार की वर्तमान परिस्थितियों और आर्थिक समीकरणों को देखते हुए यह निर्णय जरूरी था। अब देखना होगा कि सातवें चरण में कितनी दुकानें आवंटित हो पाती हैं और विभाग अपने राजस्व लक्ष्य को किस हद तक हासिल कर पाता है।







