जीएसटी सुपरिंटेंडेंट रिश्वत कांड: भोपाल-कानपुर ठिकानों पर छापे में मिले 72.50 लाख कैश, रिमांड में खुलेंगे कई राज

जीएसटी सुपरिंटेंडेंट रिश्वत कांड: भोपाल-कानपुर ठिकानों पर छापे में मिले 72.50 लाख कैश, रिमांड में खुलेंगे कई राज
भोपाल, यसभारत। सेंट्रल जीएसटी की प्रिवेंटिव विंग के सुपरिंटेंडेंट राजेश कुमार गुप्ता के भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई की जांच का दायरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्क्रैप कारोबारी से 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किए गए आरोपी अफसर को विशेष अदालत ने दो दिन की सीबीआई रिमांड पर सौंप दिया है। रिमांड के दौरान पूछताछ में विभाग से जुड़े कई अन्य और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
छापेमारी में मिला अकूत कैश और प्रॉपर्टी के दस्तावेज
गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई की टीमों ने आरोपी सुपरिंटेंडेंट के भोपाल और कानपुर स्थित ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। रविवार देर रात तक चली इस लंबी तलाशी कार्रवाई में दोनों आवासों से कुल 72 लाख 50 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, कई अचल संपत्तियों के दस्तावेज भी हाथ लगे हैं, जिनकी गहनता से पड़ताल की जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद अब जांच एजेंसी उन पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
विभागीय जांच और नेटवर्क पर शिकंजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल जीएसटी विभाग ने आरोपी अफसर को पहले ही सस्पेंड कर दिया है, और अब विभागीय स्तर पर भी जांच तेज कर दी गई है। सीबीआई यह भी खंगाल रही है कि इस वसूली रैकेट में उनके साथ विभाग के अन्य कौन-कौन से अधिकारी या कर्मचारी शामिल थे।







