बदहाली से उबरकर ISO 9001 बने भोपाल के 4 थाने और एडिशनल डीसीपी ऑफिस

बदहाली से उबरकर ISO 9001 बने भोपाल के 4 थाने और एडिशनल डीसीपी ऑफिस
भोपाल, यशभारत। जिन पुलिस थानों की पहचान कभी जर्जर भवनों, धूल फांकते पुराने रिकॉर्ड्स और फरियादियों के बैठने तक की जगह न होने से होती थी, अब वही थाने अपनी कार्यप्रणाली, जनोन्मुखी सुविधाओं और व्यवस्थाओं के लिए मिसाल बन रहे हैं। भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलाए जा रहे नवाचार और जीर्णोद्धार अभियान के तहत शहर के 4 थानों और एक वरिष्ठ प्रशासनिक कार्यालय को अंतरराष्ट्रीय मानक स्तर का ISO-9001:2015 सर्टिफिकेट प्रदान किया गया है।
सोमवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त संजय कुमार, एडिशनल कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान और ISO की मूल्यांकन टीम ने संयुक्त रूप से थाना बागसेवनिया, अशोका गार्डन, कोलार, खजूरी सड़क तथा एडिशनल डीसीपी ऑफिस जोन-3 को यह प्रतिष्ठित सम्मान सौंपा।
बदहाली से बदलाव तक का सफर
कमिश्नरेट बनने के बाद शहर के थानों की स्थिति सुधारने को एक अभियान के रूप में लिया गया। थानों के जर्जर ढांचों की मरम्मत के साथ ही वहां वर्षों से पड़े अनुपयोगी और पुराने रिकॉर्ड्स को नियमानुसार नष्ट व संधारित किया गया। सबसे बड़ा बदलाव आम जनता और पीड़ितों के लिए किया गया, जहां उनके बैठने, पेयजल और सुनवाई के लिए बेहतर माहौल तैयार किया गया है।
मूल्यांकन और गुणवत्ता के आधार पर चयन
ISO की टीम द्वारा थानों में दी जा रही सेवाओं, व्यावसायिक दक्षता, स्वच्छता और रिकॉर्ड रखरखाव के कड़े मानकों पर मूल्यांकन किया गया। सभी तय मानकों पर खरा उतरने के बाद ही इन्हें सर्टिफाइड घोषित किया गया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले मिसरोद, रातीबढ़ और महिला थाना भी ISO सर्टिफिकेशन हासिल कर चुके हैं।
इनका कहना है..
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य केवल ढांचागत सुधार करना नहीं, बल्कि थानों में आने वाले हर नागरिक को पारदर्शी और सम्मानजनक सेवा प्रदान करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मान्यता से पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यक्षमता और व्यावसायिक दक्षता में और अधिक निखार आएगा। साथ ही उन्होंने कमिश्नरेट के अन्य थानों को भी इसी तर्ज पर ISO मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस आयुक्त- संजय कुमार






