सिवनी यश भारत:-सिवनी जिले में समर्थन मूल्य पर की गई धान खरीदी के बावजूद किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा है। भुगतान की प्रक्रिया बेहद धीमी चल रही है, जिसके पीछे धान का परिवहन और भंडारण कार्य समय पर न होना मुख्य कारण बताया जा रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि जिले के कई खरीदी केंद्रों में बड़ी मात्रा में धान खुले में रखी हुई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक लगभग 815 करोड़ रुपये की धान खरीदी की जा चुकी है, लेकिन इसमें से 200 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किसानों को अभी भी लंबित है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे धान का परिवहन और भंडारण पूरा होगा, वैसे-वैसे भुगतान की कार्रवाई भी निरंतर जारी रहेगी। फिलहाल जिले में 48,276 मीट्रिक टन धान का परिवहन बाकी है।
जिले में धान परिवहन की जिम्मेदारी तीन ट्रांसपोर्टरों को सौंपी गई है, लेकिन टेंडर की शर्तों के अनुरूप कार्य नहीं किया जा रहा है। नियमों के अनुसार खरीदी के 72 घंटे के भीतर धान का परिवहन अनिवार्य है, लेकिन कई केंद्रों पर यह समयसीमा पूरी तरह टूट चुकी है। स्थिति यह है कि अभी भी अनेक खरीदी केंद्रों में सैकड़ों क्विंटल धान से भरे बोरे पड़े हुए हैं, जिससे चोरी और नुकसान की आशंका बनी हुई है। इसके बावजूद ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी इसी तरह की अव्यवस्था सामने आई थी, लेकिन उससे कोई सबक नहीं लिया गया।जानकारी के अनुसार जिले में 52,632 किसानों ने 91 खरीदी केंद्रों पर 34 लाख क्विंटल से अधिक धान बेचा है। वहीं 61,051 किसानों ने पंजीयन कराया था और 54,485 किसानों ने स्लॉट बुक किए थे। धान विक्रय के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 13 जनवरी निर्धारित थी, लेकिन पोर्टल 8 जनवरी को ही बंद कर दिया गया, जिससे बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
इस संबंध में नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक सुरेश सनखैरे का कहना है कि जिले में लगातार धान का परिवहन किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर मजदूरों की कमी के कारण दिक्कत आई होगी, लेकिन चार से पांच दिनों के भीतर पूरा परिवहन कार्य पूरा कर लिया जाएगा।