खाद वितरण पर रोक के बीच 190 क्विंटल खाद साफ! 14 और 16 अगस्त को बिक्री पर रोक के बावजूद स्टॉक में की गई कमी
पाटन की आरछा समिति का मामला

जबलपुर, यश भारत। किसान आंदोलन के बाद प्रदेश में खाद वितरण की व्यवस्था बदली गई है। ऑनलाइन व्यवस्था के स्थान पर ऑफलाइन भुगतान की प्रक्रिया लागू की गई और स्टॉक के सत्यापन व व्यवस्थित रिकॉर्ड के लिए 14 से 16 अगस्त तक खाद वितरण पर रोक रखी गई। 15 अगस्त को अवकाश था, ऐसे में 14 और 16 अगस्त को भी खाद का वितरण नहीं होना था। बावजूद इसके पाटन तहसील की आरछा समिति के रिकॉर्ड में इन तारीखों के दौरान करीब 190 क्विंटल खाद का स्टॉक घटाया गया, जिसने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
समिति से जुड़े लोगों का दावा है कि खाद पहले ही किसानों को बेची जा चुकी थी, लेकिन मशीन में तकनीकी खराबी के कारण उसका स्टॉक कम नहीं हुआ था और बाद में 14 व 16 अगस्त को केवल रिकॉर्ड में उसे घटाया गया। दूसरी ओर, सूत्रों का दावा है कि रोक के दौरान ही खाद का वास्तविक विक्रय किया गया है।
इसी दौरान क्यों स्टाक घटाया
सवाल यह है कि यदि खाद पहले ही बिक चुकी थी तो रोक की अवधि में ही उसका हिसाब क्यों घटाया गया? 16 अगस्त के बाद भी रिकॉर्ड दुरुस्त किया जा सकता था। सूत्रों के अनुसार इस दौरान खाद किसानों को बेचने की बात सामने आ रही है।मामले में सहकारिता विभाग का कहना है कि कृषि विभाग ने जांच की है, जबकि कृषि विभाग स्पष्ट जानकारी देने से बच रहा है। पाटन एसडीएम मानवेंद्र सिंह ने कहा कि यदि आदेश के बावजूद खाद वितरण हुआ है तो मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई जाएगी। अब जांच में ही स्पष्ट होगा कि 190 क्विंटल खाद का यह मामला केवल रिकॉर्ड की गड़बड़ी है या रोक के बावजूद वास्तविक बिक्री हुई।







