मध्य प्रदेश

कटनी में हो सकते हैं पुलिस विभाग में स्थानांतरण

नई प्रशासनिक जमावट में कितना प्रभावित होगा शहर

 

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कटनी, यशभारत। नई सरकार बनने के बाद एमपी में चल रही है पब्लिक सर्जरी के समीक्षक कटनी तक नहीं, यह सवाल हलकों में तैर रही है। कटनी में डॉक्टर अभिजीत रंजन को अभी भी झटका लगा है। स्पष्ट रूप से एक ही स्थान पर तीन साल के रहने वाले लोगों को देखें तो दोनों अभी सेफ जोन हैं, इसके बावजूद नई सरकार के दौर में चल रही नई जमावत किसी भी स्थान पर किसी भी स्थान पर स्थापित कर सकते हैं, ऐसी स्थिति में यदि कटनी के साइंटिस्ट कहीं जाएं तो चौंकिए मत।

सूत्र बताते हैं कि मंत्रालय स्तर पर प्रदेश के बड़े पैमाने पर मंडलों की तैयारी पूरी कर ली गई है। मुख्यमंत्री की सहमति के बाद कभी भी मोटरसाइकिल की सूची जारी हो सकती है। बताया गया है कि अब तक मुख्यमंत्री की सूची में कोई भी शामिल नहीं हुआ है। पिछले एक सप्ताह से सामान्य प्रशासन विभाग के कर्मचारियों ने देर रात तक नए सब्सपोर्ट जामवेट पर काम किया। इसके बाद राज्य सरकार ने शुक्रवार को 7 सहयोगियों, 2 और राज्य सेवा के 17 सहयोगियों को बदल दिया। जानकारी के अनुसार कटनी कलेक्टर और पुलिस कप्तानों के बारे में सरकार ने जो निर्णय लिया है, लेकिन इतना तय है कि अगले कुछ दिनों में जिला प्रशासन के कई स्थानों के प्रमुखों से भी यहां मुलाकात की जा सकती है। इसके लिए अपर लेबल पर बाजार चल रहा है। अभी यह तय नहीं है कि पूरी सूची एक साथ निकलेगी या नहीं। प्रोडक्शन सर्जरी डिज़ाइन इलेक्शन पर ध्यान दिया जा रहा है। फर्जीवाड़ा में कहा गया है कि करीब 40 सरकारी कंपनियों के पोस्ट पर ऑफर की तैयारी है, जिसमें कटनी भी प्रभावित हो सकती है। कटनी क्रेश अनुषास प्रसाद की छवि राज्य शासन की नज़र कर्मठ और श्रमिक श्रमिकों की है। अवैयक्तिक कार्य में उनका स्पष्ट रूप से समाजवादी विधानसभा चुनाव के दौरान भी चलन है। अविवेक प्रसाद को ऐसे कठिन वक्त कटनी जिले में डिजाइन किए गए थे, जब चुनाव सामने थे और सरकार के पास अपनी छवि के लिए कम समय था। कटनी जिले के आस-पास के क्षेत्र में जनता से जुड़ी घोषणाएं और नटों को पूरा करने की दिशा में अनुशासित प्रसाद ने तेजी से प्रयास शुरू कर दिया है। जिले के प्रमुख मुखिया की अपनी जिम्मेदारी को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया गया है, जिसका उद्घाटन भी उन्होंने किया है, जो सीधे तौर पर सरकार को कटघरे में खड़ा करता है। पूरे क्षेत्र में सरकार के प्रति एक सकारात्मक माहौल बना। एल्युमीनियम अधिकारी की कानूनी व्यवस्था की बेहतर स्थिति के साथ-साथ शासन की भूमि पर संत को लेकर होता है। अविव प्रसाद इस पर खरे उतरते गए। उन्होंने सामाजिक सरोकार से जुड़े मामलों में अपनी प्रभावी भूमिका के जरिए आम जनता में लोकप्रिय नामांकन की छवि बनाई है। सूत्र बताते हैं कि विधानसभा चुनाव से पहले सरकार को लेकर जनता में जो कार्यकर्ता थे, उन्हें डेमोक्रेट ने अपनी ज़मीनी मेहनत से दूर करने की कोशिश की और काफी देर तक इस काम में सफलता भी मिली। लोगों तक पहुंच का लाभ पात्र। का कहना है कि सरकार की नजर में कटनी डेमोक्रेट्स की गिनती के महानुभावों की नियुक्ति फिर से हो रही है, इसलिए संभावना है कि एमेनी में आम चुनाव तक के रोककर को भी रखा जा सकता है या उन्हें भी महत्वपूर्ण काम बताया जा सकता है। सरकार उन्हें कटनी से भी किसी भी बड़े जिले की कमांड कॉपी दे सकती है या भोपाल में भंडार की जिम्मेदारी दे सकती है। वैशिष्ट्य प्रसाद स्वयं कटनी से जाना चाहते हैं या नहीं, यह भी प्रतिबंधित है।

यूपीएससी से सबसे ज्यादा चर्चा टॉप में

प्रदेश के पुलिस कप्तानों में बड़े पैमाने पर बदलाव हुए हैं, जिनमें पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। 30 से अधिक की संख्या में प्लास्टिक स्प्लिट परिवर्तन की तैयारी शुरू हो गई है। कटनी एसपी को अभी सालभर ही हुआ है। इस आवेदन पत्र से उनकी सलाह कम है फिर भी पोलिट लिफ्ट पैक के बीच चल रही सर्जरी में किस मंत्री की क्या रुचि है यह भी प्रतिबंधित है। कटनी जिले के पुलिस तंत्र को साधने के लिए कई नेताओं की प्रत्यक्ष रुचि है। इस विधान में कौन फिट होता है इसका इंतजार रहता है। वैसे अभिजीत रंजन केस में कहा गया है कि उनके घर पर कोई भी घायल नहीं है। स्लीमनाबाद में सबसे पहले पकड़ा गया जूए का एक बड़ा फ्रॉड केस, यह किसी से छिपा नहीं सका। अपराध नियंत्रण मामले में भी कटनी पुलिस की छवि बेहतर नहीं हो सकी। दूसरे पक्ष के सुपरस्टार मनोज केडिया को कटनी में सबसे ज्यादा समय दिया गया है, उनकी कार्यशैली पर भी कई बार सवाल उठाए गए हैं। अनुमान है कि इस सूची में उनके स्टॉकिंग्स होइयाँ शामिल हैं।

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