हास्टल अधीक्षिका के खिलाफ छात्राओं ने किया घेराव : छात्राओं ने लगाया नए हास्टल अधीक्षिका पर आरोप

डिंडोरीl जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। जिसमें पिछले महीने में शिक्षकों के ट्रांसफर और हास्टल अधीक्षिका की नियुक्ति में नियमों को धज्जियां उड़ाई जाती रही है। जिसको लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं जिसकी खामियां अब सिरे दर सिरे सामने तो आ ही रही है पर प्रशासनिक अधिकारी के ना चेतने के चलते अब छात्राओं को अपने हक और अधिकार के लिए स्वयं ही सामने आना पड़ रहा है। और छात्रावास में रहने वाली बालिकाओं को हास्टल अधीक्षिका को हटाने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है।
ताजा मामला बजाग मुख्यालय में विकास खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में घेराव किया गया जिसमें छात्राओं ने हास्टल अधीक्षिका मनोरमा मरावी पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपशब्दों और जातिगत टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष रूदेश परस्ते ने भी छात्राओं के मांग को जायज ठहराते हुए बताया कि जिला में तत्कालीन एसी के द्वारा शिक्षकों के मनमानी स्थानान्तरण और हास्टल अधीक्षिका की नियुक्ति में मनमानी तथा लापरवाही का आरोप भी लगाया है। बता दें कि बजाग विकास खंड में दो परीविक्षा अवधि की प्राथमिक शिक्षिका तक को हास्टल अधीक्षिका बना दिया है, आदिवासी कन्या आश्रम अंगई में यशोदा मरावी तथा सीनियर बालिका छात्रावास चांडा में सीमा कुशराम को हास्टल अधीक्षिका बना दिया गया है जिसको लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं इस पूरे मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी इस धरना प्रदर्शन में शामिल होकर समर्थन दिया है तथा जिला कलेक्टर को पत्र लिखा है। अब देखना यह है कि प्रशासन विद्यार्थियों की मांग पर क्या कार्यवाही करता है? जबकि जिले में लगातार शिक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है।
इनका कहना है ….
पूरे जिले में शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण और हास्टल अधिक्षक बदलाव किये जो कि नियमों के खिलाफ है जिसकी जांच संभागायुक्त कर रहे हैं। बच्चों की मांग जायज है – रूदेश परस्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष
हमें बच्चों के माध्यम से आवेदन प्राप्त हुआ है जिसमें नये हास्टल अधीक्षिका को हटाने के लिए बालिकाएं आई है हमने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर दिया है – तीरथ परस्ते, बीईओ बजाग







