कटनीमध्य प्रदेश
हवाला कारोबार और ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे से जुड़े फर्जी बैंक खातों के तार, 6 लाख 35 हजार रूपए का संदिग्ध लेन-देन, शिकायत की जांच के बाद खुलासा, गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, दो की पुलिस को तलाश


मामला दर्ज कर जांच के लिए टीम गठित
अभिषेक की की रिपोर्ट पर धारा 318(4), 319(2) बीएनएस के तहत योगेश सिंह ठाकुर के विरूद्ध मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा आरोपी की तलाश करते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी योगेश सिंह ठाकुर ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह अपने जान पहचान के लोगों को पैसों का लालच देकर अलग-अलग बैंकों में म्यूल एकाउण्ट खुलवाता है और खाते संबंधी दस्तावेज पासबुक, चैक बुक, एटीएम कार्ड और खाते में दर्ज मोबाईल नंबर की सिम को हर्ष नागवानी निवासी गुरूनानक वार्ड, अग्नीज उर्फ सैम चंदनानी निवासी जयप्रकाश वार्ड एवं रजनी यादव निवासी गांधीगंज को देता है। जिसके एवज में प्रति खाते के हिसाब से कमीशन मिल जाता है। पुलिस ने इस मामले में हर्ष नागवानी एवं अग्नीज उर्फ सैम चंदनानी को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों द्वारा भी स्वयं म्यूल खाते खोलकर और योगेश सिंह से मिलने वाले म्यूल खातों को रजनी यादव निवासी गांधीगंज को देना बताया गया। आरोपी रजनी यादव की पता तलाश जारी है।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
कोतवाली पुलिस ने इस मामले में योगेश सिंह ठाकुर पिता स्व. देवेन्द्र सिंह ठाकुर निवासी जालपा वार्ड हाल शिवाजी नगर गली नंबर 2, हर्ष नागवानी पिता राजल नागवानी निवासी सब्जी मंडी गुरूनानक वार्ड एवं अग्निज उर्फ सैम चंदनानी पिता वरियल दास चंदनानी निवासी जयप्रकाश वार्ड कुंदन मार्ग गली को गिरफ्तार करते हुए आरोपियों के कबजे से अलग-अलग व्यक्तियों के बैंक खाते की 7 पासबुक, 7 एटीएम कार्ड व खाते से लिंक सिमकार्ड को बरामद किया है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया, नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी राखी पाण्डेय, उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह, प्रधान आरक्षक विरेन्द्र तिवारी, आरक्षक अजय प्रताप सिंह, अमित सिंह, उपेन्द्र सिंह, मंसूर हुसैन, मोहन मण्डलोई, दिनेश सेन एवं विकास राय ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इनका कहना है
गिरोह के सदस्यों द्वारा अपने परिचित के लोगों को पैसों का लालच देकर उनका खाता खुलवाकर खाते से संबंधित दस्तावेज पासबुक, एटीएम और सिम अपने पास रख लेते थे और उनमें लाखों का अवैध लेनदेन किया जा रहा था, जिसके बारे में खाताधारक को कोई जानकारी नहीं लग पाती थी। इस मामले में 1 अन्य आरोपी रजनी यादव की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मामले में किस प्रयोजन से खाते खुलवाए जा रहे थे और इनमें पैसा कहां से आ रहा था, इसको लेकर विवेचना की जा रही है।
-अभिनय विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक







