कटनी

स्वामित्व योजना : जिले में पहले दिन कोई रजिस्ट्री नहीं, योजना की विसंगतियों को दूर करने और रिकार्ड सुधार की मांग

कटनी, यशभारत। सालों से नजूल भूमि पर काबिज पट्टाधरियों को संपत्ति का अधिकार देने के उद्देश्य से लागू की गई स्वामित्व अधिकार अभिलेख योजना के तहत जिले में अब तक एक भी पंजीयन नहीं हुआ है। इसके पीछे मुख्य कारण राजस्व अधिकारियों द्वारा प्रदेश स्तर पर योजना की विसंगतियों को दूर किए जाने की मांग है। राजस्व अधिकारियों ने सरकार से कहा है कि पहले इस योजना में जो भी त्रुटियां है, उसे दूर किया जाए और रिकार्ड सुधार की प्रक्रिया को पूरा किया जाए, इसके बाद ही इस योजना में काम शुरू कराया जाए। बताया जाता है कि राजस्व अधिकारियों की मांगों पर सरकार विचार कर रही है। यही कारण है कि कटनी सहित पूरे प्रदेश में अब तक इस योजना पर काम शुरू नहीं हो पाया है। कटनी की बात करें तो यहां पटवारियों ने भी दो-तीन दिन पहले अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था, जिसमे इन मांगों को पूर्ण करने के साथ ही स्वामित्व अधिकार अभिलेख योजना के नियमों में सुधार की मांग की गई थी। विदित हो कि कटनी जिले में इस योजना के अंतर्गत एक लाख 5 हजार हितग्राहियों को लाभांवित किया जाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले ऐसे लोग, जो पिछले काफी समय से शासकीय भूमि पर मकान बनाकर रह रहे हैं और उनके पास पट्टे हैं, लेकिन जमीन का मालिकाना हक अब तक नहीं मिला है। शासन की इस योजना के तहत ऐसे पात्र हितग्राहियों की निजी संपत्तियों और पट्टाधारियों के अधिकार अभिलेखों का मुफ्त पंजीयन किया जाना है। स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना के इसके तहत निजी संपत्तियों और पट्टाधारियों के अधिकार अभिलेखों का मुफ्त पंजीयन किया जाना है। पंजीयन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए स्टाम्प ड्यूटी और पंचायत उपकर पूरी तरह माफ किए गए हैं। प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए पंचायत स्तर पर सप्ताह में तीन दिन विशेष शिविर लगाए जाने हैं। पटवारी को निष्पादक और राजस्व अधिकारियों को उप पंजीयक की शक्तियां दी गई हैं। योजना से संपत्ति का पक्का और पंजीकृत मालिकाना दस्तावेज प्राप्त होगा। मालिकाना हक होने पर बैंक से गृह निर्माण या व्यवसाय के लिए बेहद आसानी से लोन मिल सकता है। संपत्ति के अधिकार स्पष्ट होने से आपसी विवादों और धोखाधड़ी की संभावना कम होती है।

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