सावन के अंतिम सोमवार शिवालयों में लगा भक्तों का तांता : मठ मंदिर समेत जिले भर में हुए धार्मिक आयोजन,रात्रि में चल रहा अखंड रामायण का पाठ

सिवनी lआज सावन माह के चौथे और अंतिम सोमवार को मुख्यालय समेत जिले के देवालयों में सुबह से रात तक श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़। यहां भक्तों द्वारा महादेव का महाभिषेक किया जा गया।
वहीं जगह-जगह कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में भक्तों द्वारा कांवड़ पर बैनगंगा नदी का जल लेकर देवाधिदेव का अभिषेक किया गया।
नगर के सिद्धपीठ मठ मंदिर, देसाई मंदिर, शंकर मढ़िया, महाकालेश्वर टेकरी, बालरूप हनुमान मंदिर, भैरोगंज स्थित शिव मंदिर, गुरु रत्नेश्वर धाम दिघोरी सहित अन्य शिव मंदिरों में शिव अभिषेक करने सुबह से श्रद्धालू पहुंचे। मुख्यालय के अलावा जिले के धनोरा, केवलारी, घंसौर, लखनादौन, छपारा, बरघाट और कुरई विकासखंडों में स्थित शिव मंदिरों में भी भक्तों का तांता लगा रहा। शहर के सिद्धपीठ मठ मंदिर में स्थापित शिवलिंग का सावन माह में हर दिन विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। यहां राम दरबार की स्थापना के साथ ही अखंड रामायण पाठ जारी है। शहर के बालरूप हनुमान मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगीतमय सुंदरकांड पाठ करने पहुंच रहे हैं।दूध, दही, शहद, घी से पूजन अभिषेक के अलावा धतूरा, बेलपत्र से महादेव का पूजन उत्तम फलदायी होता है।
महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी राघवेंद्र शास्त्री ने बताया है कि महाकालेश्वर 108 शिवलिंग मंदिर बोरदाई टेकरी में भोलेनाथ का रुद्राभिषेक दूध धारा, जलधार से हो रहा है। शाम के समय महा आरती की गई उन्होंने भक्तों से बड़ी संख्या में विशेष रुद्राभिषेक में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने का आव्हान किया था। सेकड़ों की संख्या में श्रद्धालु बैनगंगा नदी का जल कांवड़ में भरकर मठ मंदिर पहुंचे। इस दौरान रास्ते में जगह-जगह कांवड़ियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। वहीं फलाहार और जूस आदि पेय पदार्थ की व्यवस्था की गई है।
कहानी ग्राम से भक्तों का जत्था मां वैन गंगा मझगवां के लिए कावड़ लेकर रवाना हुआ और वापसी में कावड़ में जल लेकर पैदल लगभग 40 किलोमीटर मे खमरिया, मालखेड़ा, लालपुर व धनोरा के साथ मिलकर सामूहिक कावड़ यात्रा नगर कहानी वापस पहुँची। अभी रात्रि में भी अखंड रामायण का पाठ मंदिरों और घरों में किया जा रहा है।







