विंध्य में वर्चस्व की जंग: डिप्टी सीएम की दिल्ली दौड़, क्या दांव पर है कद?

रीवा । मप्र के मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर तेजी से सुगबुगाहट चल रही है। नेताओं की दिल्ली और भोपाल लगातार दौड़ लग रही है। डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला दिल्ली दौड़ रहे हैं तो एक विधायक मऊगंज से भोपाल की दौड़ लगा रहे हैं। एक ही सप्ताह में दो मर्तबा भोपाल जा चुके हैं। कुछ दिन पहले उनका बुलाया भोपाल से आया था। दो दिन पहले ही लौटे हैं। अब फिर से एमरजेंसी में उन्हें भोपाल बुलाया गया है। एमजरेंसी बुलावे पर विधायक ही सारा काम छोड़कर भोपाल एयरोप्लेन से रवाना हो गए। अब भोपाल पहुंच भी गए हैं। सूत्रों की मानें तो रात 12 बजे एक गुप्त बैठक होने वाली है। इस बैठक के बाद ही किसको क्या मिलेगा, किससे क्या छिनेगा, यह तय होगा।20 सितंबर तक मंत्रिमंडल में फेरबदल या विस्तार संभव है।
सूत्रों की मानें तो मप्र के मंत्रिमंडल में फेरबदल तय है। यदि गुजरात मॉडल चला तो सभी का पहले इस्तीफा लिया जाएगा। इसके बाद फिर से नए सिरे से विभागों का बटवारा होगा। मप्र के सीएम के पास फिलहाल कई विभाग और मंत्रालय हैं। इनमें से कुछ को नए मंत्रियों को भी दिए जाने की संभावना है।डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला का विरोध के बाद कद बढ़ भी सकता है और घट भी सकता है लेकिन पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम का कद बढ़ना तय माना जा रहा है। नए मंत्रिमंडल में गिरीश गौतम को मंत्रालय देने की तैयारी है। उन्हें दो में से कोई एक का मिलना तय है। गिरीश गौतम या तो गृह मंत्री बनेंगे या फिर वन मंत्रालय मिलेगा। इसका फैसला जल्द ही हो जाएगा। फिलहाल गिरीश गौतम भोपाल में डट गए हैं।







