सतनाl जिले के उचेहरा वन परिक्षेत्र की कुशल बीट में शिकारियों द्वारा लगाए गए क्लच वायर के फंदे में एक तेंदुआ फंस गया। गश्ती टीम की नजर पड़ते ही तत्काल मुकुंदपुर जू से रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू किया गया और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद वापस जंगल में छोड़ दिया गया।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शाम करीब चार बजे रेस्क्यू टीम डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंची। वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. नितिन गुप्ता ने ट्रेंकुलाइजर गन से तेंदुए को बेहोश किया। शुरुआती दो प्रयास विफल रहे, लेकिन तीसरे प्रयास में तेंदुआ बेहोश हो गया। इसके बाद टीम ने सावधानीपूर्वक उसके शरीर में फंसे तार को काटकर उसे मुक्त कराया।
रेंजर सचिन नामदेव ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुशल बीट से लगे बोदाहार गांव के खेत में एक तेंदुआ फंसा हुआ है। निरीक्षण में पाया गया कि तेंदुआ कमर में लगे क्लच वायर के फंदे में उलझा था, हालांकि फंदा ज्यादा कसा न होने के कारण वह खुद को छुड़ाने की कोशिश कर रहा था।
रेस्क्यू के बाद किए गए मेडिकल परीक्षण में तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद उसे परसमनिया के घने जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
डॉग स्क्वॉड से खुलासा
रेस्क्यू के बाद डॉग स्क्वॉड ने मौके से बरामद क्लच वायर को सूंघाया। खोजी कुत्ता करीब दो किलोमीटर तक पीछा करते हुए खोह गांव पहुंचा और एक घर में जाकर रुक गया। पूछताछ में पता चला कि मकान विनोद कुमार रावत का है। संदेह के आधार पर पूछताछ में आरोपी ने तेंदुए को फंसाने की बात स्वीकार कर ली।
वन विभाग ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और रविवार को उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई में परिक्षेत्र सहायक बृजमोहन रावत, भारत सिंह नागर, इंदल सिंह श्याम, महेश प्रजापति, ध्रुव धाकड़, दीपक सिंह, शंकर यादव, शहादत हुसैन सहित अन्य कर्मचारियों की अहम भूमिका रही।
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