लापरवाही पर सीधे एक्शन” स्वास्थ्य महकमे पर कलेक्टर ने दिखाया सख्त रुख
गायब कर्मचारियों पर सेवा समाप्ति तक के निर्देश, वेतन कटौती और नोटिस से मचा हड़कंप

“लापरवाही पर सीधे एक्शन” स्वास्थ्य महकमे पर कलेक्टर ने दिखाया सख्त रुख
गायब कर्मचारियों पर सेवा समाप्ति तक के निर्देश, वेतन कटौती और नोटिस से मचा हड़कंप

कटनी, यशभारत। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में लगातार सामने आ रही लापरवाहियों पर कलेक्टर आशीष तिवारी ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन लिया है। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अब लापरवाही करने वालों पर सीधी कार्रवाई होगी—चाहे वह वेतन कटौती हो या सेवा समाप्ति।
बैठक के दौरान कई मामलों में अनियमितता और अनुपस्थिति सामने आने पर कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के निर्देश दिए। बहोरीबंद के मोहतरा उपस्वास्थ्य केंद्र के सीएचओ कृष्णम विश्वकर्मा के खिलाफ बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर सेवा समाप्ति का नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए, वहीं रीठी की सीएचओ सारिका यादव को निर्धारित समय में प्रगति नहीं दिखाने पर सेवा समाप्ति की चेतावनी दी गई।
इसी क्रम में बड़वारा की एएनएम अर्चना दाहिया को 2 दिन, पिपरिया परौहा की सीएचओ मीनाक्षी बर्मन को 7 दिन का अवैतनिक किए जाने तथा हरदुआ कन्हवारा के सीएचओ राहुल मकवाने का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। विजयराघवगढ़ में हुई मातृ मृत्यु के मामले में संबंधित आशा, एएनएम एवं सीएचओ की वेतन वृद्धि रोकने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अतिरिक्त अमरगढ़ (बहोरीबंद) की एएनएम अफशाना मंसूरी को नोटिस जारी करने तथा भनपुराकलां (उमरियापान) की सीएचओ आराधना डेविड को 3 दिवस के भीतर कार्यप्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने दो टूक कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में ढिलाई सीधे जनता की जान से जुड़ी है, इसलिए अब किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की निगरानी और निःक्षय अभियान जैसे कार्यक्रमों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
निजी क्लीनिकों और सोनोग्राफी केंद्रों को भी सख्त निर्देश देते हुए कहा गया कि सभी एएनसी जांच की जानकारी नियमित रूप से विभाग को उपलब्ध कराएं, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, सीएमएचओ डॉ. राज सिंह ठाकुर, सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा, महिला एवं बाल विकास की सहायक संचालक वनश्री कुर्वेती, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. समीर सिंघई, डीपीएम डॉ. उपेंद्र कुशवाहा, एपीएम विजय सोनी, डीसीएम सतीश जैन, एमएंडडी अरुण कमल सहित सभी बीएमओ, परियोजना अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के बाद साफ संकेत मिल गए हैं कि अब स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही करने वालों के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।







