रेल ट्रैक पर पानी भरने से थमीं ट्रेनों की रफ्तार, गोंदिया एक्सपे्रस सहित कई टे्रनों के परिचालन पर पड़ा असर, परेशान हुए यात्री

कटनी, यशभारत। मध्यप्रदेश में बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। रीवा के बाद अब सतना और चित्रकूट में लगातार बारिश हो रही है। तेज बारिश का असर रेल परिचालन पर भी पड़ रहा है। जिससे कटनी जंक्शन होकर गुजरने वाली टे्रनें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से चल रही हैं। जानकारी के मुताबिक कटनी-सतना-मानिकपुर रेलखंड के चितहरा-मझगवां के बीच ट्रैक पर पानी भरने के बाद रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेनों की रफ्तार कम कर दी और कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोककर चलाया। इसका असर कटनी और मुड़वारा स्टेशन पर भी दिखाई दिया। कई ट्रेनें निर्धारित समय से घंटों देरी से पहुंचीं, जिससे यात्रियों को लंबे समय तक स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा। सबसे ज्यादा असर सतना की ओर जाने वाली ट्रेनों पर पड़ा। रेल सूत्रों के मुताबिक गाड़ी संख्या 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस सुबह करीब 9.30 बजे कटनी पहुंची, लेकिन जलभराव के कारण इसे करीब दो घंटे तक स्टेशन पर रोककर रखा गया। ट्रेन को 11.30 बजे सतना की ओर रवाना किया गया। इसी तरह अन्य ट्रेनों को भी रास्ते में रोककर और कॉशन के साथ आगे बढ़ाया गया।
अहमदाबाद एक्सप्रेस भी पड़ा असर
जानकारी के अनुसार ट्रेनों की देरी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 19490 अहमदाबाद एक्सप्रेस मुड़वारा स्टेशन पर सुबह करीब 10 बजे पहुंची लेकिन शनिवार को यह ट्रेन दोपहर 1 बजे पहुंची। यात्रियों को करीब तीन घंटे अतिरिक्त इंतजार करना पड़ा। 13201 जनता एक्सप्रेस के कटनी पहुंचने का निर्धारित समय दोपहर करीब 1 बजे है लेकिन ट्रेन शनिवार को करीब 3 बजे कटनी पहुंची। ट्रेन के इंतजार में यात्रियों को स्टेशन पर काफी समय बिताना पड़ा। गाड़ी संख्या 11034 बलिया एक्सप्रेस का कटनी पहुंचने का समय दोपहर 12.30 बजे है लेकिन शनिवार को यह ट्रेन करीब 3.30 बजे कटनी पहुंची। बारिश और रेलखंड में जलभराव के कारण ट्रेन संचालन प्रभावित रहा। सबसे ज्यादा देरी 09344 डॉ आंबेडकर नगर स्पेशल में रही। यह ट्रेन मुड़वारा स्टेशन पर सुबह करीब 10 बजे पहुंचती है, लेकिन शनिवार को यह शाम 4.30 बजे पहुंची। यात्रियों को करीब साढ़े छह घंटे तक ट्रेन का इंतजार करना पड़ा।
अन्य स्टेशनों में भी रोकी गईं टै्रनें
बताया जाता है कि झुकेही, अमदरा, मैहर सहित रास्ते के अन्य स्टेशनों पर भी ट्रेनों को रोककर आगे बढ़ाया गया। जलभराव वाले हिस्से में पानी कम होने के बाद रेल परिचालन जारी रखा गया लेकिन सुरक्षा को देखते हुए ट्रेनों को कॉशन के साथ धीमी गति से निकाला गया। कुछ हिस्सों में ट्रेनों की गति करीब 10 किमी प्रति घंटा तक सीमित रखी गई। गौरतलब है कि इटारसी-प्रयागराज रूट से लंबी दूरी की अधिकतर ट्रेनें गुजरती हैं।







