कटनीमध्य प्रदेश

मां श्री दया धाम का ज्वारा जुलूस भव्यता के साथ जारी, भक्तिभाव में डूबा शहर

नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं ने कलश और ज्वारे के साथ मां की महाआरती में लिया हिस्सा

मां श्री दया धाम का ज्वारा जुलूस भव्यता के साथ जारी, भक्तिभाव में डूबा शहर

नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं ने कलश और ज्वारे के साथ मां की महाआरती में लिया हिस्सा

कटनी। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर शहर के राजीव गांधी वार्ड स्थित सत्यनारायण मंदिर के समीप प्रसिद्ध शक्ति पीठ मां श्री दया धाम में नौ दिवसीय धार्मिक उत्सव श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। पूरे नवरात्रि पर्व के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा हुआ है और आज सुबह से ही वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
चैत्र नवरात्रि की बैठकी के दिवस पर 51 कलश स्थापित कर श्रद्धालुओं की सुख-समृद्धि की कामना के साथ ज्वारे बोए गए। प्रतिदिन संध्या समय महाआरती का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते रहे। श्रद्धालु नितप्रति भोग का प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।
नवरात्रि सप्तमी के दिन मां के दरबार में भव्य देवी जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने भजन-कीर्तन के साथ पूरी रात माता की आराधना की। आज नवमी के दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके पश्चात संध्या समय पूर्ण श्रद्धा और उल्लास के साथ मां की दिव्य महाआरती हुई और भव्य ज्वारा जुलूस निकाला गया, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजर रहा है। ज्वारे का विसर्जन माई जी नदी में किया जाएगा।
ज्वारा जुलूस में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर ज्वारे के कलश रखकर शामिल हो रही हैं, वहीं जुलूस में मां काली और भगवान शंकर के स्वरूपों के साथ पंडा-पुजारी भाव-विभोर होकर भाव खेलते नजर आ रहे हैं। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखने लायक है।
मां दया धाम के मुख्य पुजारी वीरू महाराज ने बताया कि नवरात्रि में देवी मां के कलश स्थापना के पास ज्वारे (जौ) बोना समृद्धि, नए जीवन और शुभ भाग्य का प्रतीक माना जाता है। ज्वारे सृष्टि की पहली फसल हैं, इसलिए इन्हें अन्नपूर्णा का स्वरूप मानकर बोया जाता है। ये ज्वारे माता को अत्यंत प्रिय हैं और इनके बढ़ने की गति से घर की आर्थिक स्थिति एवं भविष्य के अच्छे संकेत माने जाते हैं। उन्होंने बताया कि मां के दरबार में हरियाली वैभव और समृद्धि का प्रतीक है, इसी भावना से सभी भक्तों और नगरवासियों की खुशहाली की कामना के साथ ज्वारे बोए जाते हैं।
यह भव्य आयोजन पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बनाए हुए है और श्रद्धालु मां के जयकारों के साथ आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।

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