भोपाल के रिहायशी इलाकों पर हुई सीलिंग कार्रवाई कारोबारियों में मची खलबली, मांगी मोहलत रचना नगर, अरेरा कॉलोनी, सर्वधर्म, खानूगांव में प्रतिष्ठान सील

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भोपाल के रिहायशी इलाकों पर हुई सीलिंग कार्रवाई
कारोबारियों में मची खलबली, मांगी मोहलत
रचना नगर, अरेरा कॉलोनी, सर्वधर्म, खानूगांव में प्रतिष्ठान सील
भोपाल, यश भारत। आवासीय भवनों में चल रहे कारोबार पर नगर निगम ने सोमवार को एक साथ कई इलाकों में शिकंजा कस दिया। सुबह 9 बजे शुरू हुई कार्रवाई में रचना नगर से लेकर अरेरा कॉलोनी, सर्वधर्म और खानूगांव तक निगम की टीमें पहुंचीं। महज दो घंटे में छह प्रतिष्ठानों की व्यावसायिक गतिविधियां बंद करा दी गईं। रचना नगर स्थित जूंबा डांस हाउस को सील कर दिया गया, जबकि कई अन्य संचालकों ने निगम की टीम पहुंचने से पहले ही अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। कार्रवाई के बाद संबंधित भवनों पर निगम की तख्तियां लगा दी गईं। इन पर स्पष्ट किया गया कि भवन में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करना प्रतिबंधित है। अचानक शुरू हुई कार्रवाई से रिहायशी क्षेत्रों में दुकान, होटल और अन्य व्यवसाय संचालित करने वाले कारोबारियों में हडक़ंप की स्थिति बन गई है।
कारोबारी बोले – समय दीजिए, अधिकारी बोले -अब कार्रवाई होगी
ई-3 अरेरा कॉलोनी में निगम की टीम पहुंची तो कुछ दुकानदारों ने कार्रवाई रोककर मोहलत देने की मांग की। अधिकारियों ने साफ कहा कि कारोबारियों को पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है। इसके बाद अब नोटिस के परीक्षण और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई में सर्वधर्म बी सेक्टर स्थित क्लियर होटल को बंद कराया गया। गौतम नगर में एक होटल संचालक ने खुद ही व्यावसायिक गतिविधि बंद कर दी। खानूगांव में आवासीय भवन में चल रही गतिविधि पर रोक लगाई गई। रचना नगर में जूंबा डांस हाउस को सील किया गया, जबकि अरेरा कॉलोनी के ई-3 क्षेत्र में भी सीलिंग की कार्रवाई शुरू हुई।
8264 नोटिस के बाद अब जमीन पर कार्रवाई
रिहायशी भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर नगर निगम ने 26 अगस्त तक 8264 नोटिस जारी किए थे। नोटिसों के बाद अब निगम ने दस्तावेजों और भवनों की स्थिति का परीक्षण शुरू किया है। गौतम नगर में आवासीय भवन में चल रहे होटल को सील किए जाने के बाद रविवार को कुछ स्थानों पर 24 घंटे के नोटिस दिए गए। सोमवार से इन स्थानों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई।
संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रहा पुलिस बल
निगम की कार्रवाई को देखते हुए शहर के कई संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल भी लगाया गया। मिसरोद, हबीबगंज, रातीबड़, कोहेफिजा, गोविंदपुरा, ऐशबाग और कोलार थाना क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी रही। आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद निगम की कार्रवाई तेज हुई है। अगस्त के पहले सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगाई थी। साथ ही हाईकोर्ट से कारोबारियों को मिले राहत संबंधी आदेशों को भी निरस्त कर दिया था। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को प्रस्तावित है। इससे पहले नगर निगम को अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करनी है। इसी के चलते नोटिसों के परीक्षण के बाद अब सीलिंग और कारोबार बंद कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। निगम की सख्ती का असर शहर के दूसरे रिहायशी क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। अवधपुरी, अयोध्या बायपास, गौतम नगर, अशोका गार्डन और लालघाटी समेत कई इलाकों में कारोबारी वैकल्पिक व्यावसायिक स्थान तलाश रहे हैं। वहीं नए सर्वे में केवल कारोबार ही नहीं, बल्कि भवन निर्माण से जुड़े अन्य उल्लंघनों की भी जांच की जा रही है। शहर के सभी इलाकों में सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है, नगर निगम का अमला तैनात किया गया है। जिन लोगों को पहले से नोटिस जारी किए गए थे उन पर सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
– संस्कृति जैन, कमिश्रर, नगर निगम भोपाल







