नागपंचमी पर उमड़ी भक्तों की भीड़ःनाग देवता का हो रहा विशेष पूजन, भोलेनाथ के मंदिरों में हो रहा रुद्राभिषेक

सिवनी यश भारत:-आज सिवनी मुख्यालय सहित जिलेभर में नागपंचमी पर्व पर नागदेवता का विशेष पूजन किया जा रहा है। सावन माह में आने वाले नागपंचमी पर देवालयों समेत कई स्थानों पर अनुष्ठान हो रहे हैं। शहर के सिद्ध पीठ मठ मंदिर में नागदेवता की प्रतिमा पर लोग पूजन करने पहुंच रहे हैं। 108 शिवलिंग महाकालेश्वर मंदिर बोरदाई टेकरी में भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार किया गया। साथ ही महा रुद्राभिषेक किया जा रहा है। देवालयों व नाग मंदिरों में नागपंचमी पर्व मनाया जा रहा है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, कुछ लोग द्वारा इस दिन खेतों के किनारे या घर के दरवाजे पर नाग की आकृति बनाकर पूजा की जाती है। मिट्टी, गाय के गोबर से नाग देवता की मूर्ति बनाकर अथवा चित्र रखकर दूध, धान का लावा, दूब, घी, कुश, गुड़, अक्षत, चंदन, पुष्प आदि अर्पित किए जाते हैं। इसके साथ ही शिवलिंग का कच्चे दूध से अभिषेक या रुद्राभिषेक करते है। शिव परिवार की विधिवत पूजा कर नाग पंचमी की कथा का पाठ करते है। अंत में आरती व भोग लगाकर क्षमा मांगते हैं। पूजा के दौरान भगवान शिव मंत्रों का जाप और नाग गायत्री का जाप करना बहुत ही कल्याणकारी होता है।
महाकालेश्वर धाम के पुजारी पंडित राघवेंद्र शास्त्री ने बताया है कि मंदिर में आज नाग पंचमी पर भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार करने के साथ महारुद्राभिषेक का भी हो रहा है। आज के दिन कालसर्प योग निवारण व राहु केतु के लिए विशेष पूजन अर्चन किया जा रहा है।
शाम के समय भगवान भोलेनाथ की महाआरती की जाएगी। नाग पंचमी पर इस वर्ष चौरसिया समाज के द्वारा चौरसिया समाज मंगल भवन में डोमन गुरू बरई बाबा आराध्य कुलदेवता, नाग देवता व भगवान भोलेनाथ का अभिषेक समेत अन्य कार्यक्रम कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही महिला समिति की ओर से सुंदरकांड पाठ किया जा रहा है।
शाम को भोजन प्रसाद भंडारा का आयोजन किया जाएगा। वहीं जिले के धनोरा, घंसौर, कुरई, लखनादौन, छपारा, केवलारी, बरघाट विकास खण्डो के ग्रामो में स्थित नागदेव के स्थानों में दूध, फल-फूल, बेलपत्र, धूप-दीप से पूजन किया जा रहा है।
पंडित उपेंद्र उपाध्याय ने बताया कि श्रावण महीने में पेड़ लगाना अति उत्तम माना जाता है। दिन-रात ऑक्सीजन देने वाले पीपल में ब्रह्मा विष्णु और शिव का वास होता है। पद्म पुराण में कहा गया कि एक पीपल का वृक्ष लगाने से मनुष्य को सैकड़ों यज्ञ करने से भी अधिक पुण्य प्राप्त होता है। पीपल के दर्शन से पापों का नाश स्पर्श से लक्ष्मी की प्राप्ति और उसकी परिक्रमा करने से आयु बढ़ती है। गणेश और शिव को प्रिय शमी का वृक्ष लगाने से शरीर के रोग नष्ट होते हैं। श्री हरि का प्रिय वृक्ष आंवला लगाने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। शिवजी की कृपा पाने के लिए बेलपत्र अवश्य लगाना चाहिए अशोक लगाने से जीवन के समस्त शोक दूर होते हैं।
सौभाग्य प्राप्ति के लिए अर्जुन, नारियल, बरगद का वृक्ष लगाएं। वही संतान की सुख-समृद्धि के लिए पीपल, नीम, बेलपत्र, गुड़हल और अश्वगंधा के वृक्ष लगाना हितकारी होगा। कुशाग्र बुद्धि पाने के लिए आंकड़ा, शंखपुष्पी, पलाश, ब्राह्मी एवं तुलसी लगाना अति उत्तम माना गया है।







