नगर पालिका में 4 महीने से वेतन को तरस रहे कर्मचारी : CMO ने शासन से मांगा विशेष अनुदान, सेवाएं भी ठप होने की कगार पर

नरसिंहपुर। नगर पालिका परिषद गोटेगांव की आर्थिक स्थिति पूरी तरह डावाडोल हो गई है। फंड की कमी के चलते मई 2026 से अगस्त 2026 तक 4 महीनों से अधिकारी-कर्मचारियों का वेतन लंबित है। वेतन न मिलने से कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
मध्यप्रदेश नगरनिगम, नगरपालिका कर्मचारी संघ इकाई शाखा गोटेगांव के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार भनारे और इकाई अध्यक्ष रणजीत सिंह राठौर के नेतृत्व में कर्मचारियों ने CMO को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि वेतन न मिलने से कर्मचारियों को राशन, दूध, बच्चों की स्कूल फीस भरने में दिक्कत आ रही है। बीमारी में इलाज और दवाइयों के लिए पैसे नहीं हैं। घर चलाने के लिए उच्च ब्याज पर कर्जा लेना पड़ रहा है। लगातार आर्थिक तंगी के कारण कर्मचारी मानसिक तनाव और अवसाद में हैं, जिसका सीधा असर दैनिक काम और नगर की सेवाओं पर पड़ रहा है।
वहीं दूसरी ओर मुख्य नगर पालिका अधिकारी सतेन्द्र सालावार ने संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास जबलपुर संभाग को पत्र लिखकर विशेष अनुदान/निधि स्वीकृत करने की मांग की है।
पत्र में CMO ने बताया कि नगर पालिका की वित्तीय स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। संपत्तिकर की दरें अधिक होने के कारण आमजन समय पर कर जमा नहीं कर पा रहे, जिससे निकाय की आय का मुख्य स्रोत प्रभावित हुआ है। इसी कारण मई 2026 से वेतन भुगतान रुका है।
शहर की जरूरी सेवाएं भी प्रभावित
CMO ने लिखा कि बजट न होने से न केवल वेतन रुका है, बल्कि जलप्रदाय, मार्ग प्रकाश, स्वच्छता जैसी अति आवश्यक सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। वर्तमान में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, ऐसे में कर्मचारियों को बच्चों की फीस, ड्रेस, स्टेशनरी के लिए पैसे नहीं हैं।
क्या मांगी गई मांग
CMO ने अनुरोध किया है कि कर्मचारियों के मानवीय हितों को देखते हुए गोटेगांव नगर पालिका को विशेष अनुदान शीघ्र स्वीकृत किया जाए, ताकि लंबित वेतन का भुगतान हो सके और नागरिक सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें। पत्र की प्रति आयुक्त नगरीय प्रशासन भोपाल, कलेक्टर नरसिंहपुर और अध्यक्ष नगर पालिका को भी भेजी गई है।






