गैस संकट : शहर में बंद हुई स्पेशल चाय, होटल-रेस्टोरेंट अब पारंपरिक चूल्हों का ले रहे सहारा
कोयले के दाम में उछाल, 25-30 रुपए से बढ़कर 50 रुपए किलो तक पहुंचे

कटनी, यशभारत। शहर के टी स्टॉल में स्पेशल चाय बनाना बंद कर दी गई है। चाय दुकानों में सूचना चस्पा कर दी गई है कि गैस की किल्लत की वजह से स्पेशल चाय नहीं बनाई जा सकेगी, बल्कि शौकीनों को जनरल टी ही पीने मिलेगी। कामर्शियल सिलेंडर की क्राइसिस का असर यह है कि चाय दुकानों में कोयले से जलने वाली भट्टियां लग चुकी है। यही हाल होटल और रेस्टोरेंट का है। प्रशासन ने फिलहाल क्राइसिस न होने का दावा किया है लेकिन हकीकत कुछ और है। लोगों को गैस एजेंसियों में सुबह से कतारों में लगे देखा का सकता है। दिनभर की मशक्कत के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा।
जैसे जैसे दिन बीत रहे है रसोई गैस की किल्लत गहराने लगी है। इसका असर अब होटल और हॉस्टल संचालन पर भी साफ नजर आ रहा है। गैस सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति के चलते कई होटल और हॉस्टल संचालकों को मजबूरी में फिर से पारंपरिक चूल्हों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि जहां पहले गैस पर निर्भर रहने वाले प्रतिष्ठान अब कोयले और लकड़ी से खाना बनाने लगे हैं। इससे न केवल कामकाज प्रभावित हो रहा है, बल्कि खर्च भी बढ़ गया है।
कोयले की मांग बढ़ी
कोयले के दाम में बढ़ोतरी गैस संकट के बीच कोयले की मांग अचानक बढ़ गई है, जिसके चलते इसके दाम में भी भारी उछाल देखने को मिला है। पहले 25 से 30 रुपए किलो बिकने वाला कोयला अब 28 से 50 रुपए किलो तक पहुंच गया है। थोक और खुदरा बाजार दोनों में कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। मुन्ना भाई एमबीबीएस टी स्टॉल के संचालक तौसीफ अहमद ने बताया कि गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहे हैं, जिससे रोजमर्रा का संचालन मुश्किल हो गया है। इसी वजह से उन्होंने अपनी दुकान पर सूचना चस्पा कर दी है कि अब स्पेशल चाय ग्राहकों को नहीं दी जा सकेगी। यहां भट्ठी भी लगा दी गई है।
क्या कहते हैं होटल संचालक
होटल संचालक कहते है कि पिछले पंद्रह दिन से टंकी नहीं होने के कारण होटल न के बराबर चल रहा था, लेकिन अब 3700 रुपए में चूल्हा खरीदा है। इसमें 15 लोगों का खाना बनाने में एक टाइम में दो किलो कोयला लग रहा है। वहीं सुबह और शाम दोनों समय के लिए लगभग 4 किलो कोयला लग रहा है। अभी नाश्ता बंद कर रखा है। इसी प्रकार किराए के मकानों में रहने वाले छात्रों को भी खाने की गुणवत्ता और समय को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पत्थर वाला कोयला मिलना भी कठिन
चाट दुकान संचालक महेंद्र ने बताया कि उनके पास लकड़ी और पत्थर दोनों तरह के कोयले हैं, लेकिन पत्थर वाले कोयले कल मिले या न मिलें इसकी कोई गारंटी नहीं है। व्यापारियों के अनुसार यदि गैस आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।








