
जबलपुर, यशभारत। गाडरबारा के केपरी गोल्ड लोन बैंक शाखा में कट्टा अड़ाकर केश काउंटर से 3 लाख 52 हजार रुपये लूटने वाले शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह के 5 सदस्यों को पुलिस ने दबोच लिया है। मामले के खुलासे में एडीजीपी उमेश जोन , एसपी अभिजीत कुमार रंजन नरसिंहपुर का विशेष योगदान रहा। जिनके मार्गदशन में मामले का खुलासा हो सका।

जानकारी अनुसार 8 फरवरी 2023 को केपरी गोल्ड लोन बैंक शाखा गाडरवारा में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा बैंक में घुसकर कट्टा अड़ाकर केश काउंटर की टेबिल ड्राज में रखे पाट पेमेंट क्लोजर के 3 लाख 52 हजार रुपये करीबन लूटकर आई-20 कार से भाग गये । लूट की वारदात घटित होने की सूचना प्राप्त होने पर त्वरित कार्यवाही करते हुये कंट्रोल रूम को जिले के अन्य थाना एवं सीमावर्ती थाने में नाकाबंदी कर सफेद रंग की बिना नंबर की कार को पकडऩे हेतु चैकिंग कराई गई । पीडि़त सचिन जैन सीनियर लोन ऑफि सर केपरी गोल्ड लोन की रिपोर्ट पर थाना गाडरवारा में मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।
अपराध की गंभीरता को देखते हुये पुलिस के लिये एक बड़ी चुनौती थी । अपराध की गंभीरता को दृष्टीगत रखते हुये एडीजीपी जबलपुर जोन उमेश जोगा, पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर अभिजीत कुमार रंजन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सुनील शिवहरे एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), गाडरवारा श्रीमति सचि पाठक के निर्देशन में वारदात के लिये उपयोग किये गये आवागमन के मार्गोंं की तस्दीक, सीसीटीव्ही फुटेज अवलोकन एवं साईबर हेतु पृथक-पृथक टीम गठित की गई ।

पीएसटीएन डेटा से खुला राज
जानकारी अनुसार साईबर टीम द्वारा घटनास्थल एवं चिन्हित स्थानों का पी.एस.टी.एन. डेटा प्राप्त कर विश्लेषण किया गया । गठित टीमों द्वारा कस्बा के होटल, बैंक, पेट्रोल पंप,अन्य संस्थानों एवं हाई-वे के टोल नाकों पर लगे सीसीटीव्ही फुटेज का सूक्ष्मता से अवलोकन पर कार उपयोग करने की पुष्टि हुयी। जाँच पर पाया गया कि आरोपियों ने गुमराह करने के लिये किसी अन्य गाड़ी की नंबर प्लेट लगाना पाया गया । आरोपियों ने घटना के पूर्व टोल नाकों पर उपयोग किये गये साधन,सीसीटीव्ही फुटेज एवं इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों के आधार पर घटना में प्रयुक्त वाहन का सही रजिस्ट्रेशन नंबर एचआर26 सीजी 9566 होना पाया गया । विवेचना में तथ्यों, तकनीकी साक्ष्यों एवं साईबर से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम को हरियाणा, दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश में तस्दीक हेतु भेजा गया । टीम के द्वारा संदिग्ध स्थानों पर लगातार पतारसी कर जानकारी एकत्र की गई ।
हरियाणा गुरुग्राम, नई दिल्ली, मथुरा उत्तर प्रदेश में दी दबिश
पुलिस ने बताया कि विवेचना दौरान प्रकरण में आए तथ्यों एवं तकनीकी साक्ष्य के आधार पर अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी एवं माल मशरूका बरामदगी हेतु पुन: टीम को रवाना किया गया । पुलिस टीम द्वारा हरियाणा गुरुग्राम, नई दिल्ली, मथुरा उत्तर प्रदेश संदिग्धों के पता ठिकाने पर दबिश दी गई। जो संदेही बार-बार अपना स्थान बदल रहे थे। संदेही गुरुग्राम, दिल्ली, मथुरा, आगरा, झांसी होते हुए सागर तरफ आना पाया गया, जो पुलिस टीम द्वारा लगातार पीछा करने पर साइबर अनुसंधान के माध्यम से संदेही की उपस्थिति गौरझामर- देवरी के आसपास होना पाई पाई गई । पुलिस टीम को घटना में प्रयुक्त वाहन सफेद रंग की कार गौरझामर हाईवे रोड के आगे दिखने पर जय श्रीराम होटल और अशोक लेलैंड सर्विस सेंटर के मध्य पुलिया के पास गौरझामर देवरी के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर दबिश देकर घेराबंदी कर मौके से आरोपी अभिषेक उर्फ शेखू पिता कुलदीप डागर 26 वर्ष निवासी गुरूग्राम, विक्रांत उर्फ जीवा पिता कृष्ण कुमार मेहरा 28 वर्ष नीमली थाना चरखी दादरी हरियाणा , रोहित पिता जसवीर सिंह राठी 25 वर्ष निवासी नार्थ ईस्ट दिल्ली,रामजीत पिता हरिसिंह जाट 23 वर्ष निवासी सुरवारी कोशीकला थाना कोशीकला जिला मथुरा , अर्जुन उर्फ नवीन पिता भागीरथ शर्मा 20 वर्ष निवासी मथुरा उत्तर प्रदेश को दबोचा गया।
हथियार सहित कार जब्त
आरोपियों की तलाशी लेने पर जिनके कब्जे से दो कट्टे, एक पिस्टल,38 राउंड,एक लाख 8 हजार 480 रूपये एवं घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की कार जप्त की गई । पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि एक राय होकर गाडरवारा स्थित केपरी गोल्ड लोन बैंक में घुसकर कट्टे दिखाकर लूट की घटना को अंजाम दिया था। प्रकरण में आरोपीगण द्वारा लूटी गई शेष राशि की जप्ती एवं प्रकरण की विवेचना में अन्य आवश्यक साक्ष्यों के संकलन हेतु आरोपीगणों को माननीय न्यायालय पेश कर पुलिस रिमाँड प्राप्त की जाती है ।
इनका रहा सराहनीय कार्य –
कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक गाडरवारा राजपाल बघेल,उप निरीक्षक अजुज़्न सिंह बघेल,उप निरीक्षक यादवेन्द्र मरावी,उप निरीक्षक श्रीराम रघुवंशी,सहायक उप निरीक्षक संतोष राजपूत,सहायक उप निरीक्षक राजेश तिवारी, सहायक उप निरीक्षक राकेश दीक्षित, सहायक उप निरीक्षक राजेश शमाज़्,प्रधान आरक्षक आशीष मिश्रा, भास्कर पटेल, आरक्षक राजेंद्र पटेल, रूपेंद्र चौबे, संजय पांडे, अनुराग दुबे, बालकिशन रघुवंशी, दिनेश पटैल, सुजीत बागरी, ऐश्वयज़् वेंकट, सिद्धार्थ मिश्रा एवं साईबर टीम-उप निरीक्षक विपिन डेहरिया, आरक्षक अभिषेक सूर्यवंशी, भास्कर सतनामी, कुमुद पाठक की सराहनीय भूमिका रही । डकैती की घटना की पतारसी में उललेखनीय कार्य करनेे वाले पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को नगद पुरस्कार से पुरूष्कृत किया जावेगा।







