गड्ढों में शहर से गांव तक सड़कें, जवाबदेही किसकी?
कलेक्टर ने मांगा हिसाब सीवर के बाद अधूरी सड़कें, जल निकासी और बंद स्ट्रीट लाइट से बढ़ा खतरा

गड्ढों में शहर से गांव तक सड़कें, जवाबदेही किसकी?
कलेक्टर ने मांगा हिसाब
सीवर के बाद अधूरी सड़कें, जल निकासी और बंद स्ट्रीट लाइट से बढ़ा खतरा

जिलेभर में मरम्मत के सरकारी निर्देश, अब अमल का इंतजार
कटनी, यशभारत। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के बीच शहर से गांव तक सड़कों की बदहाली अब सीधे जवाबदेही का सवाल बन गई है। मुख्य मार्गों पर गड्ढे, सीवर के बाद अधूरा रेस्टोरेशन, जलभराव और कई हिस्सों में खराब स्ट्रीट लाइट ने सफर मुश्किल कर दिया है। बारिश के बाद रात में स्थिति और जोखिम भरी हो गई है।
नगरीय क्षेत्र का हालात अत्यंत खराब
शहर में चाका-पीर बाबा, पुरैनी-कुठला-चाका, रचना नगर-बस स्टैंड, शिवनगर मोड़-चांडक पंप और कलेक्ट्रेट-पीर बाबा मार्गों के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हैं। डन कॉलोनी-आस्था प्लाजा क्षेत्र में सीवर के बाद सड़क की पूरी बहाली को लेकर शिकायतें हैं। ओवरब्रिज पर बारिश का पानी मुख्य सड़क पर आने से जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल हैं। खराब स्ट्रीट लाइट के कारण रात में गड्ढे दिखाई नहीं देने से खतरा और बढ़ जाता है।
“ग्रामीण स्तर पर”
गांवों में बाकल की करीब एक किलोमीटर सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं देते और इसी मार्ग से स्कूली बच्चों, मरीजों तथा प्रसव के लिए महिलाओं को ले जाने वाले वाहनों का आवागमन होता है। बहोरीबंद, स्लीमनाबाद, रीठी, ढीमरखेड़ा, बड़वारा, विजयराघवगढ़ और मुड़वारा क्षेत्र के कई मार्ग भी बारिश के बाद क्षतिग्रस्त हुए हैं।
नागरिकों में है गुस्सा..
नागरिकों का कहना है कि गड्ढों में गिट्टी डालकर खानापूर्ति के बजाय सड़क, जल निकासी और सीवर रेस्टोरेशन का स्थायी समाधान होना चाहिए। पार्षद से लेकर विधायक, सांसद और महापौर तक सत्ताधारी जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी के बावजूद सड़क और स्ट्रीट लाइट की स्थिति पर सवाल उठना व्यवस्था की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।
सरकारी निर्देश अब फॉलोअप की कसौटी पर
सड़कों की स्थिति को लेकर सोमवार की समय-सीमा बैठक में कलेक्टर आशीष तिवारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त सड़कों का निरीक्षण कर उन्हें चिन्हित करने और प्राथमिकता से मरम्मत कराने के निर्देश दिए। बारिश से हुए नुकसान का मौके पर आकलन कर सुधार कार्य में देरी नहीं करने को कहा गया। ठेकेदारों और हितग्राहियों के लंबित भुगतान समय पर कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा, जिले के एसडीएम, नगर निगम के अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अब सवाल सिर्फ निर्देश जारी होने का नहीं, बल्कि कितनी सड़कें चिन्हित हुईं, कितने गड्ढे सुधरे और कौन-सा विभाग कब तक काम पूरा करता है, इसका फॉलोअप भी जरूरी होगा।







