गजानंद डेवलपर्स ने बेच दिया आने-जाने का रास्ता, सत्यम होम्स ने मकान बनाकर दिए पर सुविधाएं देना भूला… वीडियो… देखें…
ग्रीन सिटी कठौंदा रिमझा में बिल्डर और उसके साथियों का कारनामा, कलेक्टर से कॉलोनी वालों ने की शिकायत

जबलपुर, यशभारत। ग्रीन सिटी कठौंदा में एक बार फिर सत्यम होम्स प्रोजेक्ट के तहत मकान लेने वाले लोग खुद को कोस रहे हैं। बिल्डर और उसके साथियों ने कॉलोनी बनाने के पहले दावा किया था कि सड़क-नाली और पर्र्याप्त बिजली मिलेगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं। कॉलोनी को बने दो साल से ज्यादा हो गए हैं लेकिन बिल्डर और उसके साथियों ने अपना वादा पूरा नहीं किया। मूलभूत सुविधाओं का दंश झेल रहे कॉलोनी वालों को उस समय झटका लगा जब गजानंद डेवलपर्स ने आने-जाने वाला रास्ता ही बेच दिया। अब कॉलोनी और सड़क से जुडऩे का रास्ता ही खत्म हो गया जबकि कॉलोनी निर्माण के पहले उक्त जमीन से आने-जाने के लिए रास्ता निकालने को कहा गया था। कॉलोनी वालों ने सत्यम प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी लोगों की शिकायत कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से की है।

संदीप-पंकज और प्रकाश ने धोखा दिया
ग्रीन सिटी रिमझा फेस-3 में रहने वाले लोगों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौेंपकर कहा कि सत्यम होम्स के संदीप ठाकुर, पंकज सराफ और प्रकाश अग्रवाल ने धोखे में रखकर प्लाट और मकान बेचे हैं। तीनों के द्वारा ये भी नहीं बताया गया कि पूरी कॉलोनी अवैध है, मूलभूत सुविधाएं देने के नाम पर सत्यम प्रोजेक्ट के तीनों लोगों द्वारा पैसा मांगा जा रहा है।
पैसा रूका है इसलिए काम नहीं हुआ
इधर सत्यम प्रोजेक्ट के संदीप ठाकुर का कहना है कि मैं बिल्डर नहीं हूं मेरा काम मकान और प्लाट बेचना है। फेस-3 कॉलोनी सड़क-बिजली और नाली काम इसलिए नहीं हुआ है कि क्योंकि यहां पर लोगों ने पैसा नहीं दिया है। पैसा मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि बहुत से काम आधे से ज्यादा हो गया है।
सत्यम होम्स के संदीप ठाकुर और उसके साथियों ने फेस-3 कॉलोनी में 20 फुट चौड़ी सड़क देने का कहा गया था लेकिन 14 फुट ही सड़क बनाई गई। कॉलोनी वाले मूलभूत सुविधाओं से परेशान परंतु बिल्डर को कोई लेना-देना नहीं है।
रूपेश राय, रहवासी
लाइट-रोड नहीं है नाली भरी पड़ी है। कॉलोनी में सुरक्षा की दृष्टि कवर्ड करने को कहा गया था, गेट लगाने को कहा था लेकिन आज तक यह काम नहीं हुआ। धोखे से प्लाट बेचा गया और घटिया मकान बनाकर दिया गया है।
संतोष तिवारी, रहवासी
2019 में मकान बनाकर दिया, पूरा पैसा दे दिया लेकिन बिल्डर ने सड़क-नाली का काम आज भी अधूरा है। कॉलोनी तक पहुंच मार्ग भी जर्जर है, बिजली को लेकर रोना है लेकिन इस तरफ बिल्डर ध्यान नहीं दे रहा है।
तेजन श्रीवास
कुछ पैसा रोककर रखा गया है । इसका कारण भी है, जब बिल्डर और उसके साथी कॉलोनी का पूरा काम करके देंगे उस वक्त पैसा दे दिया जाएगा। धोखा देकर मकान बेचे गए हैं।
स्मिता रावत, रहवासी
लाइट नहीं मिली तो मैंने टीसी कनेक्शन ले लिया है। बिल्डर कहता है कि जिन लोगों के पैसे बकाया है वह वसूल करवाओ तब काम होगा, लेकिन लोगों से पैसा वसूलना हमारा काम नहीं है।
सुरमिला परते, रहवासी
एक-एक पैसा दिया है पूरा मकान खराब हो गया, घटिया सामग्री इस्तेमाल की गई है। डेवलपर्स और सत्यम होम्स प्रोजेक्ट के कर्ताधर्ताओं ने आने-जाने वाला मार्ग ही बचे दिया है। जिसके कागजात उपलब्ध है।
योगिता शर्मा, रहवासी







