सतना। चित्रकूट वन परिक्षेत्र के चौबेपुर वार्ड क्रमांक 15 में एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने वन्यजीव संरक्षण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जंगल से भटककर रिहायशी इलाके में पहुंचे एक सांभर के मासूम शावक की कुत्तों के झुंड ने हमला कर जान ले ली।
बताया गया है कि थर पहाड़ के जंगल से एक मादा सांभर का बच्चा भटकते हुए गांव के गेहूं के खेतों तक आ पहुंचा। अनजान माहौल और भय के बीच वह इधर-उधर भाग रहा था, तभी इलाके में घूम रहे आवारा कुत्तों के झुंड की नजर उस पर पड़ गई। कुत्तों ने उसे घेरकर दौड़ाया और देखते ही देखते हमला कर दिया।
खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने जब यह मंजर देखा तो तुरंत शोर मचाकर और दौड़कर कुत्तों को भगाने की कोशिश की। ग्रामीणों के हस्तक्षेप से कुत्ते वहां से हट तो गए, लेकिन तब तक सांभर का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो चुका था। कुछ ही देर में उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। वन अमले ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और पंचनामा की कार्रवाई की जा रही है। रेंजर अभिषेक मिश्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
इस घटना ने गांव और आसपास के क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों से भटककर वन्यजीवों का आबादी की ओर आना लगातार बढ़ रहा है, जिससे उनके जीवन पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या भी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है।
वन्यजीव प्रेमियों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं केवल एक जानवर की मौत नहीं, बल्कि हमारे पारिस्थितिक संतुलन के लिए खतरे की चेतावनी हैं। जरूरत है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ आबादी क्षेत्रों में नियंत्रण और जागरूकता के ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।