मध्य प्रदेशराज्य

कृष्ण मृग की दर्दनाक मौत  : टक्कर मारकर भागा भारी  चार पहिया वाहन , वन्यजीवों की सड़क दर्घटनाओं में हो रही मौत

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यशभारत डिंडौरी lडिंडौरी जिले में अमरकंटक–जबलपुर नेशनल हाईवे पर स्थित कारोपानी कृष्ण मृग (काला हिरण) संरक्षित क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा सवालों के घेरे में है जहां एक बार फिर कारोपानी के समीप तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने सड़क पार कर रही विशेष संरक्षित प्रजाति की मादा काले हिरण को रौंद कर तेज रफ्तार से भाग गया जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

घटना के बाद क्षेत्र में वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया। बताया जा रहा है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि कारोपानी संरक्षित क्षेत्र में लगातार सड़क दुर्घटनाओं के कारण काले हिरणों की मौत हो रही है। इसके बावजूद न तो शासन और न ही प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जिसके चलते लगातार कृष्ण मृग घटनाओं के शिकार हो रहे हैं। 

गौरतलब है कि कारोपानी क्षेत्र को कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया है, जहां बड़ी संख्या में दुर्लभ और विलुप्त होती प्रजाति के काले हिरण निवास करते हैं। इसके बावजूद नेशनल हाईवे पर न तो गति सीमा के संकेतक लगाए गए हैं, न ही स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड या रफ्तार नियंत्रित करने की कोई प्रभावी व्यवस्था मौजूद है। तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही सीधे तौर पर वन्यजीवों के अस्तित्व पर खतरा बनती जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते हाईवे पर गति नियंत्रण, साइन बोर्ड, फ्लैशर लाइट, अंडरपास या फेंसिंग जैसी व्यवस्थाएं नहीं की गईं, तो आने वाले समय में कई और बेजुबान वन्यजीव सड़क हादसों का शिकार होते रहेंगे।

लगातार हो रही काले हिरणों की मौत ने शासन-प्रशासन और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात होगी कि इस घटना के बाद जिम्मेदार विभाग कब जागते हैं और संरक्षित वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं या फिर यह मौतें यूं ही अनदेखी होती रहेंगी।

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