मध्य प्रदेशराज्य

किसान की जैविक क्रांति : लागत में कमी, बेहतरीन गुणवत्ता, सब्जियों का स्वाद लाजवाब… आखिर कैसे पाया मुकाम, पढ़े पूरी ख़बर 

Table of Contents

मंडलाlवनांचल विकासखंड मवई के ग्राम बिलगांव के एक प्रगतिशील किसान ने जैविक खेती को सफलता पूर्वक अपनाकर अन्य किसानों के लिए एक मिसाल पेश की है। उद्योगिनी संस्था द्वारा प्रदान किए गए वर्मी बेड की सहायता से किसान अब स्वयं उच्च गुणवत्ता वाला वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर रहे हैं और पूरी तरह जैविक पद्धति से कृषि कार्य कर रहे हैं।

किसान ने बताया कि संस्था के मार्गदर्शन और सहयोग के बाद उन्होंने गोबर आधारित जैविक खाद का अधिक उपयोग शुरू कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैविक खेती की ओर पूरी तरह से लौटने के कारण उनकी लागत में उल्लेखनीय कमी आई है और फसलों के उत्पादन की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है। किसान द्वारा उगाई जा रही सब्जियों में टमाटर, गोभी, बैंगन, आलू, पालक, मेथी, धनिया पत्ती, भाजी और लौकी में वर्मी कम्पोस्ट और गोबर खाद का भरपूर उपयोग किया जा रहा है। किसान का कहना है कि जैविक खाद के उपयोग से फसलों का स्वाद और ताजगी बढ़ गई है, जिसके चलते उनकी सब्जियों की बाजार में विशेष मांग रहती है। बाजार में अच्छे दाम पर बिकने के कारण उन्हें पूर्व की तुलना में अधिक मुनाफा प्राप्त हो रहा है। लागत में बचत और बढ़ी हुई आमदनी से उनका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है। किसान ने उद्योगिनी संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था के मार्गदर्शन से उन्हें जैविक खेती की सही दिशा मिली, जो अब उनके लिए अत्यंत लाभदायक साबित हो रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button