यश भारत सतना। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही तनावपूर्ण खबरों के बीच सतना जिले में पेट्रोल-डीजल को लेकर फैली अफवाहों ने अचानक हालात बदल दिए हैं। गुरुवार शाम से जिलेभर के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जहां लोग टैंक फुल कराने की होड़ में जुटे हैं। हालांकि प्रशासन और तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में ईंधन का कोई संकट नहीं है।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के एरिया सेल्स मैनेजर नकुल दीक्षित ने बताया कि जबलपुर स्थित भिटौनी डिपो से सतना जिले को नियमित और पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि न तो ईंधन की कोई कमी है और न ही राशनिंग जैसी कोई व्यवस्था लागू की गई है।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी सम्यक जैन ने भी आमजन से अपील करते हुए कहा कि पेट्रोल पंपों के सूखने या दाम बढ़ने जैसी खबरें पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जरूरत के अनुसार ही ईंधन लेने की अपील की।
पेट्रोल पंप संचालक आशीष चौदहा के अनुसार, कुछ स्थानों पर पंप ड्राई होने की स्थिति जरूर बनी, लेकिन यह अस्थायी थी और अचानक बढ़ी मांग का परिणाम है। उन्होंने बताया कि लोग न सिर्फ अपने वाहनों के टैंक फुल करा रहे हैं, बल्कि कई लोग बोतल, केन और छोटे ड्रम में भी ईंधन भरवाते नजर आ रहे हैं, खासकर डीजल के लिए।
जिले में वर्तमान में लगभग 180 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनमें से 28 पंप केवल सतना शहर में स्थित हैं। पिछले दो दिनों में पेट्रोल की मांग तीन गुना और डीजल की मांग दो गुना तक बढ़ गई है।
आंकड़ों के मुताबिक, जहां सामान्य दिनों में शहर में प्रतिदिन लगभग 1.5 लाख लीटर पेट्रोल की खपत होती थी, वहीं अब यह बढ़कर करीब 4.5 लाख लीटर तक पहुंच गई है। इसी तरह डीजल की दैनिक खपत 4 लाख लीटर से बढ़कर 8 लाख लीटर हो गई है।
प्रशासन और विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। पर्याप्त स्टॉक और निरंतर आपूर्ति के चलते जिले में ईंधन संकट जैसी कोई स्थिति नहीं है। अफवाहों से बचें और संयम बनाए रखें।
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