शराब के शौकीनों के लिए अच्छी खबर, अब दुकानदार एमआरपी से ज्यादा या एमएसपी से कम में नहीं बेच सकेंगे शराब, विभाग के पास होगा हर बोतल का हिसाब
कटनी, यशभारत। जिले की शराब दुकानों से शराब की बिक्री पीओएस पाइंट ऑफ स्पेशल सेल मशीन से स्कैन किए बगैर नहीं होगी। इससे शराब की हर बोतल आबकारी विभाग के सर्वर से जुड़ जाएगी। इस प्रक्रिया से विभाग के पास सभी दुकानों की रोजाना की यह जानकारी होगी कि किस दुकान से किस ब्रांड और किस बैच की शराब किस कीमत पर बेची गई। यानी अब विभाग के पास हर बोतल का हिसाब-किताब होगा। अब दुकानदार एमआरपी से ज्यादा या एमएसपी से कम में शराब नहीं बेच सकेगा।
सूत्रों के मुताबिक शराब दुकानों से महंगी शराब बेचने या अन्य गड़बडय़िों पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग ने यह कदम उठाया है। विभाग ने हाल ही में पीओएस मशीन के जरिए शराब बेचने का मसौदा तैयार किया है। सूत्रों ने बताया कि पीओएस मशीन की खरीदी के लिए जल्द ही बिड जारी की जाएगी। इसके बाद सभी शराब दुकानों पर पीओएस के जरिए ही शराब बिकेगी।
शराब कितने दाम में बेची, रिकॉर्ड नहीं मिलता
आबकारी विभाग ने मौजूदा शराब नीति में पीओएस मशीन के जरिए शराब बिक्री का प्रावधान किया है। तीन माह से बगैर पीओएस के ही शराब बेची जा रही है। इन दुकानों के पास कितनी शराब पहुंची इसका तो रिकॉर्ड होता है लेकिन किस ब्रांड की शराब और कितने में बेची गई है, इसका रिकॉर्ड नहीं होता है। पीओएस मशीन के माध्यम से सभी प्रकार की बोतल पर बार कोड एक्साइज एडहेसिव लेबल-ईएएल को स्कैन कर ही बिलिंग एवं विक्रय किया जाएगा।
पीओएस में जुर्माने का प्रावधान
मशीन के जरिए बिक्री नहीं किए जाने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। पहले तीन उल्लंघन पर 25 हजार रुपए प्रति प्रकरण जुर्माना लगाया जाएगा। तीन से अधिक बार उल्लंघन किए जाने पर अगली बार जुर्माने में 5-5 हजार रुपए की उत्तरोत्तर वृद्धि की जाएगी।कटनी, यशभारत। जिले की शराब दुकानों से शराब की बिक्री पीओएस पाइंट ऑफ स्पेशल सेल मशीन से स्कैन किए बगैर नहीं होगी। इससे शराब की हर बोतल आबकारी विभाग के सर्वर से जुड़ जाएगी। इस प्रक्रिया से विभाग के पास सभी दुकानों की रोजाना की यह जानकारी होगी कि किस दुकान से किस ब्रांड और किस बैच की शराब किस कीमत पर बेची गई। यानी अब विभाग के पास हर बोतल का हिसाब-किताब होगा। अब दुकानदार एमआरपी से ज्यादा या एमएसपी से कम में शराब नहीं बेच सकेगा।
सूत्रों के मुताबिक शराब दुकानों से महंगी शराब बेचने या अन्य गड़बडय़िों पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग ने यह कदम उठाया है। विभाग ने हाल ही में पीओएस मशीन के जरिए शराब बेचने का मसौदा तैयार किया है। सूत्रों ने बताया कि पीओएस मशीन की खरीदी के लिए जल्द ही बिड जारी की जाएगी। इसके बाद सभी शराब दुकानों पर पीओएस के जरिए ही शराब बिकेगी।
शराब कितने दाम में बेची, रिकॉर्ड नहीं मिलता
आबकारी विभाग ने मौजूदा शराब नीति में पीओएस मशीन के जरिए शराब बिक्री का प्रावधान किया है। तीन माह से बगैर पीओएस के ही शराब बेची जा रही है। इन दुकानों के पास कितनी शराब पहुंची इसका तो रिकॉर्ड होता है लेकिन किस ब्रांड की शराब और कितने में बेची गई है, इसका रिकॉर्ड नहीं होता है। पीओएस मशीन के माध्यम से सभी प्रकार की बोतल पर बार कोड एक्साइज एडहेसिव लेबल-ईएएल को स्कैन कर ही बिलिंग एवं विक्रय किया जाएगा।
पीओएस में जुर्माने का प्रावधान
मशीन के जरिए बिक्री नहीं किए जाने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। पहले तीन उल्लंघन पर 25 हजार रुपए प्रति प्रकरण जुर्माना लगाया जाएगा। तीन से अधिक बार उल्लंघन किए जाने पर अगली बार जुर्माने में 5-5 हजार रुपए की उत्तरोत्तर वृद्धि की जाएगी।








