पारधी डेरे में हुये जघन्य हत्याकांड के फरार आरोपी बिहार से गिरफ्तार, रीठी पुलिस को मिली सफलता

कटनी, यश भारत। रीठी थाना क्षेत्र के अंतर्गत हत्या के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्ता के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ सतोष डेहरिया व उप पुलिस अधीक्षक रत्लेश मिश्रा के निर्देशन में थाना प्रभारी रीठी के नेतृत्व में गवित टीम द्वारा हत्या के प्रकरण में पारधी समुदाय के अभियुक्तों को बिहार राज्य के पटना जिले से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 12 मार्च को डिजाईन बाई ने सूचना दी कि ग्राम बूढ़ा ललितपुर के मेहराज पारधी, टन्नों पारखी, कलवा भारती, जबल पारधी एवं अन्ा पारधी कबीला के लोगों द्वारा पुरानी बुराई पर से चाकू, मका से फारियादिया ने पति उन्हत्तर पारधी को आटो से उत्तारकर अपने साथ ले जाकर बेरहमी से हत्या की और हत्त्या करने के उपरांत उन्हातर पारवी का शय बूढ़ा के पहाड़ के नीचे गड्ढे में डाल देने की रिपोर्ट पर धारा 296 (वी), 140(1) 103(1) 238,3 (5) बीएनएस का कायम कर विवेचना में लिया गया।
आरोपियों द्वारा घटना घटित कर पारखी समुदाय के साथ डेरा सहित अज्ञात स्थान पर माग जाने पर पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु आस-पास के अन्य पारयियों के जेरों पर लगातार दबिश दी गई परंतु अभियुक्तों की कोई जानकारी नहीं मिल रही थी।
पुलिस का तत्काल एक्शन आरोपियों के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई कि आरोपी बिहार के पटना जिले में हैं तय श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा एक मूवमेंट टीम का गठन किया गया जिसमें थाना रीठी से सउनिः जयचंद, प्रआर. राम पाठक अजय मेहरा, आर. आशुतोष यायच एवं थाना एनकेजे, से आर, जजकुमार को शामिल कर टीम तैयार की गई। पुलिस टीम द्वारा बिहार में पटना जाकर गोपनीय रूप से जानकारी जुताई और पुलिस ने बळी ही सूझबूझ से आरोपियों ली घेराबंदी कर काफी मशक्कत के बाद आरोपी मेहराज पारखी, टन्नी पारधी, अजूबा पारधी, ओकीन पारधी, सोजन मारधी को गिरफतार कर बिहार में न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड पर कटनी लाकर न्यायालय पेश किया गया एवं आरोपियों से घटना में प्रयुक्त 2 चाकू, 1 बका, 1 डंडा एवं 1 मोटर साईकिल जप्त की गई।
पुलिस कार्यवाही में विशेष भूमिका
कार्यवाही में थाना प्रभारी रीठी निरी. मोहम्मद शाहिद, उनि दिनेश चौहान पनि विनोद पटेल, सताने जयचद उईके, सउनि सुशील प्रजापति, प्र. आर. अजय मेहरा, प्र.आर. दान पाठक, आर. शमशेर सिंह, आर. नितेश दुबे, आर. आशुतोष, आर. अमन, जार विजय, आर धनश्याम, आर ज्ञानेंद्र, आर. शहंशाह, आर. जजकुमार एवं सायबर सेल से आर. सुगम गौतम, आर. अमित श्रीपाल का विशेष योगदान रहा।







