बिना बिजली बंद किए निजी इलेक्ट्रिशियन को खंभे पर चढ़ाया, करंट से दर्दनाक मौत

बिना बिजली बंद किए निजी इलेक्ट्रिशियन को खंभे पर चढ़ाया, करंट से दर्दनाक मौत
लापरवाही: बिलखिरिया में लाइनमैन खुद काम करने के बजाय निजी इलेक्ट्रिशियन को ऊपर छोड़ भागे, 4 घंटे तारों पर लटका रहा शव
भोपाल, यशभारत। राजधानी के रायसेन रोड स्थित बिलखिरिया क्षेत्र में बिजली विभाग के कर्मचारियों की एक कथित और बेहद गंभीर लापरवाही के कारण 22 वर्षीय युवक जितेंद्र कुशवाहा की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी पर तैनात लाइनमैनों ने अपनी जान बचाने और खुद काम न करने के चक्कर में एक निजी इलेक्ट्रिशियन को बिना बिजली बंद किए खंभे पर चढ़ा दिया। हादसे के बाद दोनों लाइनमैन युवक को तड़पता छोड़ मौके से फरार हो गए।
सुरक्षा उपकरणों के बिना जोखिम में डाला
मृतक के बड़े भाई बंटी कुशवाहा ने बताया कि बुधवार शाम को क्षेत्र में एक फेज की बिजली गुल होने की शिकायत आई थी। इस शिकायत पर बिजली विभाग के लाइनमैन आजाद ठाकुर और रिंकू राजपूत मौके पर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने खुद खंभे पर चढ़ने के बजाय वहां मौजूद जितेंद्र को बुलाया और उसे मरम्मत कार्य पूरा करने के बदले 5 सौ रुपये देने का लालच दिया। जितेंद्र पहले भी इनके साथ कुछ काम कर चुका था और इस दौरान उसे दो बार हल्का करंट भी लग चुका था, जिसके बाद उसने यह काम छोड़ दिया था। लेकिन पैसों का लालच देकर उसे दोबारा मजबूर किया गया और बिना किसी सुरक्षा उपकरण (ग्लव्स या बेल्ट) के ऊपर भेज दिया गया।
बारिश के बीच चार घंटे लटका रहा शव, ग्रामीणों ने उतारा
परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि हादसे के बाद तेज करंट की चपेट में आने से जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई और उसका शव करीब तीन से चार घंटे तक रिमझिम बारिश के बीच बिजली के तारों और खंभे के बीच फंसा रहा। इस दौरान पुलिस मौके पर मौजूद तो थी, लेकिन वह नीचे खड़े होकर केवल कागजी कार्रवाई में जुटी रही। बाद में जब बिजली की सप्लाई को पूरी तरह बंद कराया गया, तब जाकर ग्रामीणों की मदद से शव को नीचे उतारा जा सका। गुरुवार दोपहर को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतक अपने परिवार का सबसे छोटा बेटा था और मजदूरी कर घर चलाता था।
इनका कहना है..
मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस पर लापरवाही के लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं, सूचना मिलते ही शव को नीचे उतरवाकर तत्काल पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया गया था। जांच के दौरान यदि बिजली विभाग के किसी भी कर्मचारी की लापरवाही साबित होती है, तो उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उमेश चौहान, थाना प्रभारी, बिलखिरिया







