शीतकालीन सत्र: नगर पालिका एक्ट संशोधन पास; किसानों के मुद्दे पर जमकर हंगामा

शीतकालीन सत्र: नगर पालिका एक्ट संशोधन पास; किसानों के मुद्दे पर जमकर हंगामा
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन में नगर पालिका एक्ट संशोधन विधेयक को पारित कर दिया गया, लेकिन किसानों की समस्याओं, आदिवासियों के विस्थापन और बालाघाट प्लॉट आवंटन जैसे मुद्दों पर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले। कार्यवाही के दौरान कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के अस्वस्थ होने (चक्कर आने) के कारण सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा।
नगर पालिका चुनाव अब होंगे प्रत्यक्ष
नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि नगर पालिका अध्यक्षों का चुनाव अब प्रत्यक्ष रूप से होगा। उन्होंने तर्क दिया कि यह संशोधन पूरे नगर के विकास को सुनिश्चित करेगा और वार्ड-विशेष पर पैसा खर्च करने की पिछली प्रवृत्ति को रोकेगा। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने भी इस बदलाव को ‘जनता के हित में’ बताया।
किसानों पर तीखी बहस, तख्तियों के साथ प्रदर्शन
फसलों के नुकसान और मुआवज़े को लेकर सदन में जबरदस्त हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक खेतों में खराब फसलों को दर्शाती तख्तियां लेकर पहुंचे और तत्काल मुआवज़े की मांग की। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर किसानों के हितों की रक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया और कहा कि अन्नदाता सड़क पर संघर्ष कर रहा है।
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने जवाब में बताया कि अतिवृष्टि से हुए नुकसान के लिए 2068 करोड़ रुपये की राहत राशि किसानों को दी गई है। मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस के विरोध को ‘नाटक-नौटंकी’ करार दिया।
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा का पलटवार:
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस को बोलने का कोई हक़ नहीं है। हिंदुस्तान के किसानों को सम्मान राशि और सब्सिडी सिर्फ पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार में मिली है। कांग्रेस ने तो अपने राज में किसानों के खेत तक बिकवा दिए थे! कांग्रेस आज पाकिस्तान की नीतियों पर चल रही है।” उन्होंने दिग्विजय सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस सरकार में ‘सिर्फ आराम’ किया।
आदिवासी विस्थापन और प्लॉट आवंटन के गंभीर आरोप
कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल ने आलीराजपुर, धार, बड़वानी और झाबुआ जिलों में आदिवासियों को नर्मदा किनारे से जबरन हटाने की प्रक्रिया को तुरंत निरस्त करने की मांग की। वन मंत्री दिलीप अहिरवार ने आश्वासन दिया कि किसी भी आदिवासी को जबरन नहीं हटाया जाएगा।
बालाघाट में विधायक अनुभा मुंजारे ने उद्योग विभाग पर नियम विरुद्ध तरीके से 72 प्लॉट आवंटित करने और एक ही प्लॉट को कई लोगों को देने का आरोप लगाया, हालांकि मंत्री ने अनियमितता की संभावना से इनकार किया।
खंडवा में सुरक्षा और एसएफए बटालियन की मांग
भाजपा विधायक कंचन तनवे ने खंडवा में पुलिस प्रशासन की व्यवस्था और एसएएफ बटालियन (विशेष सशस्त्र बल बटालियन) की स्थापना को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि खंडवा सिमी आतंकियों का केंद्र बन चुका है। यहां लगातार आतंकी और तस्करी की घटनाएं हो रही हैं। हाल ही में खंडवा के पेठिया गांव के मदरसे से 20 लाख के नकली नोट जब्त किए जाने की घटना का उल्लेख किया। कंचन तनवे ने कहा कि खंडवा एक संवेदनशील जिला रहा है और सरकार को यहां एसएएफ बटालियन के मामले में विचार करना चाहिए।
नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि खंडवा जिला संवेदनशील है और कोई भी त्योहार बिना पुलिस सुरक्षा के नहीं होता। उन्होंने गृह विभाग के मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल से इस विषय को गंभीरता से लेने के लिए कहा।
भाजपा विधायक नीना वर्मा ने अपने पति विक्रम वर्मा पर 2019 में दर्ज मामले को वापस लेने की मांग की। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जल्दी निर्णय लेने की आवश्यकता पर बल दिया।
जयवर्धन सिंह ने उठाई मांग: कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने संशोधन विधेयक पर चर्चा करते हुए मांग की कि प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली के साथ-साथ सरकार ‘राइट टू रिकॉल’ (चुने हुए प्रतिनिधि को वापस बुलाने का अधिकार) के मामले में भी अपना रुख स्पष्ट करे। उन्होंने हॉर्स ट्रेडिंग रोकने के लिए कार्रवाई की व्यवस्था करने, मंडी व सहकारिता चुनाव कराने और नगर निकायों में अमला (कर्मचारियों) बढ़ाने पर भी जोर दिया।
कांग्रेस विधायक नारायण सिंह पट्टा ने सदन में कहा कि जिस तरह से राष्ट्रीय दलों में दल-बदल कानून लागू होता है, उसी तरह नगर पालिका, नगर निगम में भी दल-बदल कानून लागू होना चाहिए।







