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अश्लील हरकत से मना किया तो मारे थप्पड़ ,फिर 47 दिन बाद लौमहर्षक वारदात

बदमाशों ने एक परिवार के 4 लोगों को गोलियों से भूना
अमेठी , एजेंसी। उत्तर प्रदेश के अमेठी से बीती रात दिल दहलाने वाली खबर सामने आई। कुछ बदमाशों ने घर में घुस कर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। इस घटना में पति, पत्नी समेत 2 ब’िचयों की मौत हो गई। चंद मिनटों में हंसता-खेलता पूरा परिवार मौत की नींद सो गया। गोली चलाने वाले बदमाश कौन थे? कहां से आए थे? उनकी परिवार से क्या दुश्मनी थी? इन सभी सवालों के जवाब पुलिस अभी भी तलाश रही है। मगर वारदात के कई घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। हालांकि अगर पुलिस चाहती तो शायद इस हत्याकांड को रोका जा सकता था। मृतिका ने आज से 47 दिन पहले पुलिस को इस वारदात का अंदेशा जताया था।
47 दिन पहले लिखवाई स्नढ्ढक्र
अमेठी हत्याकांड में एक नई परत खुलकर सामने आई है। गोलीबारी में पति को बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगाने वाली मृतिका पूनम भारती ने 18 अगस्त को ही रायबरेली कोतवाली में शिकायत दर्ज करवाई थी। इस स्नढ्ढक्र में पूनम ने दावा किया था कि चंदन वर्मा नामक शख्स उसे परेशान कर रहा है। वो पूनम के साथ अश्लील हरकत करना चाहता था, लेकिन पूनम ने इससे इनकार कर दिया। ऐसे में चंदन ने पूनम और उसके पति सुनील कुमार को थप्पड़ों से पीट डाला। यही नहीं चंदन ने दोनों को जान से मारने की धमकी दी थी। चंदन का कहना था कि अगर पूनम ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया तो वो दोनों को मौत के घाट उतार देगा।
पुलिस ने नहीं लिया एक्शन
पूनम ने स्नढ्ढक्र में यहां तक लिखा था कि, अगर उसके और उसके पति के साथ कोई भी घटना होती है, तो इसका जिम्मेदार चंदन वर्मा ही होगा। पूनम ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस सोती रही। पूनम की शिकायत पर कोई एक्शन नहीं हुआ। 18 अगस्त 2024 की शाम तकरीबन 4 बजे पूनम के साथ सरेआम छेड़छाड़ हुई, उसे और उसके पति को पीटा गया और दोनों को जान से मारने की धमकी तक मिली। मगर शायद इतना सब कुछ काफी नहीं थी। आखिर 47 दिन बाद वही हुआ जिसका डर था।
अमेठी के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के अहोरवा भवानी कस्बे के मेन चौराहे पर सुनील कुमार (&5) अपनी पत्नी पूनम (&0), दो बेटियों दृष्टि (6) और लाडो (2) के साथ रहता था। गुरुवार की रात कुछ बंदूकधारियों ने घर पर हमला बोल दिया। सुनील को सामने देखकर उन्होंने उसे गोलियों से भून डाला। पति को बचाने के लिए बीच में कूदी पूनम भी गोलियों की भेंट चढ़ गई। यही नहीं आरोपियों ने दोनों मासूम ब’िचयों को भी नहीं बख्शा।
आंगन में मिली खून से सनी लाशें
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगभग 10-15 मिनट तक लगातार गोलियां चलती रहीं। इसके बाद पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। जब लोगों ने घर से बाहर निकल कर देखा, तो वहां कोई नजर नहीं आया। लोगों ने पुलिस को गोलीबारी की जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची, तो सुनील के पूरे परिवार की लाशें आंगन में बिखरी मिलीं। हमलावरों को किसी ने नहीं देखा। पुलिस भी आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है।

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