एमपी में मौसम का यू-टर्न: ओलों के बाद अब कोहरे का कहर, 5 से फिर बरसेगा मावठा

एमपी में मौसम का यू-टर्न: ओलों के बाद अब कोहरे का कहर, 5 से फिर बरसेगा मावठा
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश में कुदरत के तेवर लगातार बदल रहे हैं। बीते चार दिनों से जारी बारिश और ओलावृष्टि के थमते ही अब प्रदेश के बड़े हिस्से में घने कोहरे ने दस्तक दे दी है। बुधवार सुबह ग्वालियर-चंबल अंचल सहित प्रदेश के 20 से अधिक जिले सफेद चादर में लिपटे नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार, यह राहत केवल दो दिन की है; 5 फरवरी से एक नया सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जो फिर से प्रदेश को भिगोएगा।
धुंध ने थामी रफ्तार, विजिबिलिटी 50 मीटर से कम
बुधवार सुबह भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत कई जिलों में दृश्यता बेहद कम रही। ग्वालियर, दतिया और भिंड जैसे इलाकों में तो विजिबिलिटी 50 मीटर से भी नीचे गिर गई, जिससे हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थम गई। कोहरे का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में देखा जा रहा है।
इन जिलों में रहा कोहरे का असर
मौसम केंद्र के अनुसार भोपाल, इंदौर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सागर, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में मध्यम से घना कोहरा दर्ज किया गया।
5 फरवरी से फिर बदलेगा मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि हिमालयी क्षेत्र में 5 फरवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से
10 फरवरी तक प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश (मावठा) होने की संभावना है। बादलों और बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट आएगी, जिससे ठिठुरन बढ़ सकती है।
पिछले 24 घंटों का लेखा-जोखा
मंगलवार को प्रदेश के 22 जिलों में मौसम ने भारी तबाही मचाई थी। ग्वालियर, छतरपुर, पन्ना और दतिया समेत कई जिलों में तेज आंधी के साथ ओले गिरे, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें भी सामने आई हैं।







