विपक्ष की आवाज दबाने के लिए CISF का इस्तेमाल, खरगे ने राज्यसभा डिप्टी चेयरमैन से जताया विरोध

विपक्ष की आवाज दबाने के लिए CISF का इस्तेमाल, खरगे ने राज्यसभा डिप्टी चेयरमैन से जताया विरोध

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन को एक चिट्ठी लिखकर आरोप लगाया है कि सदन में विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए CISF का इस्तेमाल किया गया था. संसद में CISF को बुलाया गया था. सांसद जयराम रमेश ने भी ऐसा ही आरोप लगाया है. उन्होंने खरगे के उस पत्र को शेयर भी किया है.
खरगे के पत्र में कहा गया है कि वे कल भी इस कार्रवाई के गवाह थे और आज भी हैं. उन्होंने कहा है कि सदन में CISF का इस्तेमाल बहुत ही आपत्तिजनक है. इसकी वह स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं. उन्होंने कहा उम्मीद है कि भविष्य में सीआईएसएफ के जवान सदन के वेल में तब नहीं आएंगे जब सदस्य जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे हों.

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट कर कहा कि राज्यसभा के सभापति के अचानक इस्तीफे के बाद सदन पर सीआईएसएफ के जवानों का कब्ज़ा देखा जा रहा है. अपनी बात के समर्थन में उन्होंने राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा राज्यसभा के उपसभापति को भेजे गए पत्र को शेयर किया है. जिसमें विपक्षी सदस्यों के विरोध के दौरान सदन के वेल में CISF कर्मियों के इस्तेमाल का विरोध किया गया है.







