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ट्रंप का बड़ा दावा: “ईरान की नौसेना-वायुसेना तबाह”, मिडिल ईस्ट संघर्ष में नया मोड़

क्या आगे बढ़ेगा तनाव?

वाशिंगटन डीसी | मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के 34वें दिन डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि हालिया अभियानों के बाद ईरान की नौसेना और वायुसेना पूरी तरह नष्ट हो चुकी है।

“रणनीतिक लक्ष्य पूरे होने के करीब”

ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका द्वारा चलाए जा रहे अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह समाप्त करना है, ताकि वह भविष्य में अमेरिका या अन्य देशों के लिए खतरा न बन सके। उन्होंने बताया कि ईरान की मिसाइल क्षमता को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है और उसका रक्षा ढांचा लगभग ध्वस्त हो चुका है।

ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ का जिक्र

ट्रंप ने कहा कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत अमेरिका ने योजनाबद्ध तरीके से ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर किया है। इस कार्रवाई में विशेष रूप से नौसेना, वायुसेना और रक्षा उत्पादन से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया।

आईआरजीसी की ताकत कमजोर होने का दावा

ट्रंप के अनुसार, Islamic Revolutionary Guard Corps (आईआरजीसी) का नियंत्रण और कमान भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे आतंकवादी संगठनों को मिलने वाला समर्थन भी खत्म हो जाएगा।

अमेरिकी सेना की सराहना

अपने संबोधन में ट्रंप ने अमेरिकी सशस्त्र बलों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने “अभूतपूर्व” प्रदर्शन किया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान में जान गंवाने वाले 13 अमेरिकी सैनिकों को याद किया जा रहा है, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

क्या आगे बढ़ेगा तनाव?

ट्रंप के इन दावों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है। हालांकि, स्वतंत्र रूप से इन दावों की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है, जिससे वैश्विक स्तर पर स्थिति पर नजर बनी हुई है।

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