Delhiजबलपुरदिल्ली/नोएडादेशमध्य प्रदेशराज्यविदेशविदेश

1 अप्रैल से बदला टैक्स सिस्टम,GST और इनकम टैक्स में बड़े बदलाव, 12 लाख तक आय टैक्स फ्री

डिजिटल कम्प्लायंस पर जोर, 3 साल बाद रिटर्न फाइलिंग बंद

जबलपुर, यश भारत।नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ 1 अप्रैल 2026 से देश में टैक्स सिस्टम में बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। GST से लेकर इनकम टैक्स तक किए गए इन संशोधनों का सीधा असर व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और निवेशकों पर पड़ेगा।
टैक्स मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता अभिषेक ध्यानी ने बताया कि इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य टैक्स सिस्टम को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और सरल बनाना है, जिससे कम्प्लायंस आसान हो सके और टैक्स चोरी पर नियंत्रण लगाया जा सके।
उन्होंने बताया कि GST में अब इनवॉइस मैनेजमेंट सिस्टम (IMS) लागू किया गया है, जिसमें टैक्सपेयर्स को ITC क्लेम करने से पहले क्रेडिट और डेबिट नोट्स को स्वीकार या अस्वीकार करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही रिटर्न फाइलिंग में बड़ा बदलाव करते हुए 3 साल के बाद किसी भी GSTR-1, GSTR-3B या वार्षिक रिटर्न को फाइल नहीं किया जा सकेगा।

ई-इनवॉइसिंग के दायरे को भी बढ़ा दिया गया है, जिससे अधिक व्यवसाय अब इसके अंतर्गत आएंगे। वहीं, एक्सपोर्ट रिफंड प्रक्रिया को सरल बनाते हुए न्यूनतम सीमा हटा दी गई है, जिससे निर्यातकों को तेजी से रिफंड मिल सकेगा। इनकम टैक्स में सबसे बड़ा बदलाव नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के रूप में सामने आया है, जिसने 1961 के पुराने कानून की जगह ले ली है। अब असेसमेंट ईयर और पिछला वर्ष की जगह एकल टैक्स ईयर की अवधारणा लागू की गई है। नए टैक्स सिस्टम के तहत सेक्शन 87A में छूट बढ़ने से 12 लाख रुपये तक की आय प्रभावी रूप से टैक्स फ्री हो गई है। वहीं स्टैंडर्ड डिडक्शन को जोड़ने पर यह सीमा लगभग 12.75 लाख रुपये तक पहुंच जाती है।

WhatsApp Image 2026 04 01 at 19.08.04

जबलपुर के कर अधिवक्ता अभिषेक ध्यानी टैक्सेशन, GST और सेंट्रल एक्साइज मामलों के विशेषज्ञ हैं। वे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की प्रिंसिपल बेंच में क्लाइंट्स का प्रतिनिधित्व करते हुए टैक्स और कमर्शियल विवादों से जुड़ी रिट याचिकाओं पर फोकस करते हैं। ई-कोर्ट्स इंडिया के रिकॉर्ड में उनके द्वारा लड़े गए कई मामलों का उल्लेख है। वे ऐसे मामलों में शामिल रहे हैं, जिनके निर्णयों से GST प्रावधानों में बदलाव हुए और व्यापारियों को लाभ मिला।प्रमुख मामलों में रॉबिंस टनलिंग बनाम मध्य प्रदेश राज्य, एमएसके एंटरप्राइजेज बनाम मध्य प्रदेश राज्य और दया शंकर सिंह बनाम मध्य प्रदेश राज्य शामिल हैं।GST रजिस्ट्रेशन कैंसलेशन, पेनल्टी और कमर्शियल टैक्स विभाग के आदेशों को चुनौती देने वाले मामलों में उनका नाम प्रमुखता से लिया जाता है। इन्होने ने बताया कि डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर STT बढ़ा दिया गया है, जिससे फ्यूचर्स और ऑप्शंस में निवेश महंगा होगा। साथ ही HRA छूट में भी विस्तार किया गया है, जिसमें अब अधिक शहरों को शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनियों और व्यापारियों को नए नियमों के अनुसार समय रहते अपने अकाउंटिंग सिस्टम और रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया को अपडेट कर लेना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की पेनल्टी या दिक्कत का सामना न करना पड़े।

जानिए क्या-क्या बदला

IMS सिस्टम लागू, ITC क्लेम के लिए नोट्स एक्सेप्ट/रिजेक्ट जरूरी
3 साल बाद रिटर्न फाइलिंग पर रोक
ई-इनवॉइसिंग का दायरा बढ़ा
एक्सपोर्ट रिफंड में थ्रेशहोल्ड खत्म

इनकम टैक्स में बदलाव

नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू
12 लाख तक आय टैक्स फ्री
एकल टैक्स ईयर सिस्टम लागू
STT दरों में बढ़ोतरी

अन्य अपडेट

TCS रेट में बदलाव
अपडेटेड ITR पर पेनल्टी बढ़ी
ROC स्कीम 2026 लागू

वंही अधिवक्ता अभिषेक ध्यानी ने सुझाव दिया कि यदि नए नियमों में किसी प्रकार की व्यावसायिक कठिनाई आती है, तो उसे सरकार के संज्ञान में लाना चाहिए, ताकि भविष्य में और सुधार किए जा सकें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button