भोपाल में गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा ऐलान: 2029 तक मध्य प्रदेश को बनाएंगे पूरी तरह ड्रग फ्री

भोपाल में गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा ऐलान: 2029 तक मध्य प्रदेश को बनाएंगे पूरी तरह ड्रग फ्री
31 दिसंबर 2029 के बाद प्रदेश में युवाओं के लिए नहीं होगी नशे की जगह
ड्रग सिंडिकेट को खत्म करने केंद्र और राज्य मिलकर चलाएंगे साझा अभियान
भोपाल, यशभारत। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भोपाल दौरे के दौरान मध्य प्रदेश को नशामुक्त करने का बड़ा संकल्प दोहराया है। भेल दशहरा मैदान में आयोजित गोपालक सम्मेलन में नागरिकों को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि 31 दिसंबर 2029 के बाद मध्य प्रदेश में बेटे-बेटियों के भविष्य को सुरक्षित किया जाएगा और राज्य में नशे के लिए कोई जगह नहीं होगी।
इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा की उच्च स्तरीय समीक्षा की गई, जिसमें मध्य प्रदेश से ड्रग्स के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने का मास्टरप्लान तैयार किया गया।
17 गुप्त ड्रग्स लैब का भंडाफोड़, पीआईटी- एनडीपीएस एक्ट में कसा शिकंजा
एनसीआरबी और डीआरआई के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अवैध ड्रग्स निर्माण और तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय था, जिस पर एजेंसियों ने कड़ा प्रहार किया है जिसमें भोपाल के बगरौदा में ₹1,800 करोड़ की मेफेड्रोन और जगदीशपुर में लिक्विड मेफेड्रोन लैब के अलावा महू, नीमच और आगर मालवा में कुल 17 सीक्रेट ड्रग्स लैब पकड़ी जा चुकी हैं। वही थार गाड़ी की स्टेपनी, सलवार-कुर्ते के सीक्रेट पॉकेट्स और स्लीपर बसों से की जा रही अंतरराज्यीय व नाइजीरियाई तस्करों की खेप को पकड़ा गया है। आदतन ड्रग तस्करों और सिंडिकेट के आकाओं के खिलाफ पीआईटी- एनडीपीएस एक्ट के तहत निवारक निरोध की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
5 पड़ोसी राज्यों के साथ साझा इंटेलिजेंस और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स
मध्य प्रदेश की सीमाओं से सटे 5 राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़- के साथ संयुक्त आसूचना और समन्वित कार्रवाई पर सहमति बनी है। इसके साथ ही युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए प्रदेश के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ड्रग-मुक्त कैंपस फ्रेमवर्क लागू किया जाएगा और विशेष एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स लपूरे नेटवर्क पर निगरानी रखेगी।







