नर्मदा तट पर लग रहा शराबियों का जमावड़ा
शाम ढलते ही ददा घाट पर लग जाती है भीड़

जबलपुर, यश भारत। तिलवारा घाट क्षेत्र में स्थित दादा घाट, जिसे नारायणपुर घाट के नाम से भी जाना जाता है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और स्वच्छ जलधारा के लिए प्रसिद्ध है। गर्मियों के दिनों में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक और स्थानीय लोग स्नान एवं तैराकी के लिए पहुंचते हैं, लेकिन अब इस पवित्र स्थल की गरिमा पर सवाल खड़े होने लगे हैं। घाट के आसपास शराबखोरी, नॉनवेज पकाने और असामाजिक गतिविधियों के बढ़ते मामलों से श्रद्धालुओं में नाराजगी है।

दादा घाट को अब तक शहर के सबसे शांत और साफ-सुथरे घाटों में गिना जाता रहा है। मुख्य तिलवारा घाट और ग्वारीघाट की तुलना में यहां भीड़ कम रहती है, जिसके कारण लोग परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने के लिए इसे पसंद करते हैं। लेकिन हाल के दिनों में घाट किनारे शराब पीने वालों का जमावड़ा लगने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ लोग मां नर्मदा के तट पर ही शराब का सेवन कर रहे हैं और नॉनवेज भोजन भी बना रहे हैं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। यहां पर कुछ ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा पाई जाती है जिसकी मां नर्मदा के प्रति आस्था नहीं है।
वही श्रद्धालुओं का कहना है कि मां नर्मदा केवल एक नदी नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं।
ऐसे में घाट पर इस तरह की गतिविधियां न केवल धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन हैं बल्कि घाट की पवित्रता और सांस्कृतिक पहचान को भी नुकसान पहुंचा रही हैं।
इनका कहना है
तिलवारा थाना प्रभारी बृजेश मिश्रा ने बताया कि दादा घाट पर शराबखोरी और अन्य गतिविधियों की शिकायतें मिल रही हैं। पुलिस समय-समय पर गश्त कर कार्रवाई भी कर रही है। उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों की आवाजाही अधिक होने की जानकारी मिली है। ऐसे लोगों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी और घाट क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाएगी।







