भोपाल

कांग्रेस जिलाध्यक्ष के लिए घमासान आधा दर्जन दावेदार आ चुके हैं अब तक सामने 

कांग्रेस जिलाध्यक्ष के लिए घमासान आधा दर्जन दावेदार आ चुके हैं अब तक सामने

भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के तहत प्रदेश के जिलों में बैठकों का दौर जारी है। जीतू पटवारी से लेकर, उमंग सिंघार और पर्यवेक्षक समेत तमाम नेता जिलों में जाकार रायशुमारी कर रहे है। प्रदेश में जिलाध्यक्षों को बदलने और नई नियुक्ति करने की कवायद की जा रही है। इसी कड़ी में इन दिनों भोपाल में भी नए जिलाध्यक्ष की तलाश के लिए एक बैठकों का दौर जारी है। भोपाल में जिलाध्यक्ष पद के लिए अब तक आधा दर्जन दावेदार सामने आ चुके हैं। इनमें विधायक से लेकर पूर्व पार्षद और मौजूदा जिलाध्यक्ष तक शामिल हैं। ्रशहर मेंं अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में बैठकों का दौर जारी है। इनमें केन्द्रीय पर्यवेक्षकों के साथ स्थानीय के अलावा शहर के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए थे। इस दौरान भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने बैठक में राजधानी भोपाल में मुस्लिम जिला अध्यक्ष बनाने की मांग कर चुके हैं। आरिफ मसूद का कहना है कि भोपाल ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई जिलों में मुस्लिम जिला अध्यक्ष की तैनाती होनी चाहिए। हमारा वोटर सवाल करता है हमें, देने को तो कुछ है नहीं संगठन में ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उधर गोविंदपुरा और मध्य विधानसभा क्षेत्रों की बैठकों में दावेदारों के समर्थकों के बीच विवाद की स्थिति बन चुकी है। गुरुवार को पर्यवेक्षकों की टीम नरेला विधानसभा में जिलाध्यक्ष के लिए रायशुमारी करने पहुंची तो पूर्व जिलाध्यक्ष मोनू सक्सेना और नरेला विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे मनोज शुक्ला के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस स्थिति के चलते केन्द्रीय पर्यवेक्षक यशोमती ठाकुर को बैइक समाप्त करने की घोषणा करनी पड़ गई। उनके जाते ही दोनों तरफ के समर्थकों ने कुर्सियां उठा लीं, लेकिन जिलाध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने समझाइश देकर दोनों पक्षों को शांत कराया। गौरतलब है कि दो दिन पहले मध्य विधानसभा में हुई रायशुमारी में आरिफ मसूद और साजिद अली समर्थक भिड़ गए थे। यह हैं दावेदार भोपाल शहर जिलाध्यक्ष के लिए दावेदारों में जिला अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, उत्तर से विधायक आतिफ अकील, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रदीप सक्सेना, प्रदेश महासचिव अमित शर्मा, नरेला से प्रत्याशी रहे मनोज शुक्ला, गोविंदपुरा से प्रत्याशी रहे रवींद्र साहु, प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी, राहुल राठौड़, अब्दुल नासिर, दीप्ति सिंह, प्रकाश चौकसे, संतोष कंसाना और शबिश्ता जकी के नाम शामिल हैं। इनमें से मोनू सक्सेना पूर्व में कांग्रेस से पार्षद के अलावा जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके है। हालांकि वे इस पद पर कुछ ही समय के लिए रहे। विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने मोनू सक्सेना को हटाकर प्रवीण सक्सेना को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी थी। तब से लेकर अबतक प्रवीण सक्सेन भोपाल कांग्रेस जिलाध्यक्ष हैं। इसी तरह से अमित शर्मा भी भोपाल जिलाध्यक्ष को लेकर दावेदार माने जा रहे है। वे भी पहेल पार्षद रह चुके है। वर्तमान में वे संगठन में सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे है। इसी तरह से अब्दुल नासिर कांग्रेस में लंबे समय से काम करते आ रहे है। वे ज्योतिरादित्य सिंधिया के समय से जुड़े हुए है। नासिर पार्टी में अलग अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे है। आरिफ मसूद ने कहा था की सिंधिया के बीजेपी में जाने के बाद भी अब्दुल नासिर पार्टी के लिए बफादार रहे, वे बीजेपी में नहीं गए। इतना ही नहीं विधायक मसूद ने यह भी कहा कि अगर पार्टी किसी और को जिम्मेदारी देती है तो हम उस पर सहमत है। उल्लेखनीय है कि यह भी बता दें कि अब पर्यक्षक कार्यकर्ताओं से रायशुमारी कर रहे है। रायशुमारी के बाद चार नामों का पैनल बनाया जाएगा और दिल्ली भेजा जाएगा। इसके बाद दिल्ली में होने वाली बैठक में सभी नामों पर मंथन किया जाएगा और एक नाम फाइनल करके जिला अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी।

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