सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव बच्चों में बढ़ रही घर से भागने की टेंडेंसी
रांझी थाना क्षेत्र में तीन मामले आये सामने

जबलपुर यश भारत। इंटरनेट सोशल मीडिया का यदि सदुपयोग हो तो यह बड़े काम की चीज है। लेकिन यदि इसका दुरूपयोग होने लगे तो इसकी दुष्परिणाम भी बड़े हैं। शहर के रांझी थाना क्षेत्र में हाल की कुछ दिनों में बच्चों के घर से भागने की तीन समाचार सामने आये जिनमे एक बच्चे की उम्र पुलिस के अनुसार 16 वर्ष बताई गई तो दूसरा मामला भी 10 से 16 वर्ष के बीच का ही रहा है। ताजा मामला एक 16 वर्षीय किशोरी को पुलिस कानपुर से लेकर आई। इस किशोरी के घर पर भगाने के पीछे जो कारण निकलकर सामने आया है उसकी मुताबिक पिता की दांत के बाद उसने यह कदम उठाया था उसके गुमशुदा होने की रिपोर्ट रांची थाने में दर्ज कराई गई थी। किशोरी को पिता की डांट इतनी बुरी लगी की उसने घर छोड़ने का ही मन बना लिया और घर से भाग भी गई। इंदौर उज्जैन होते हुए यह किशोरी कानपुर तक पहुंच गई और वहां से भी कहीं भगाने के चक्कर में थी लेकिन तब तक पुलिस को इसका सुराग लग चुका था।
थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी बताया कि घर से भागी यह किशोरी यह निर्णय नहीं ले पा रही थी कि कानपुर के बाद उसे कहां जाना है। हालाकी कानपुर से पड़कर लाने के बाद पुलिस ने कार्यवाही पूरी करने के बाद परिजनों की हवाले कर दिया है। कुछ समय पूर्व ही इसी थाना क्षेत्र में एक 10 वर्षीय और एक 14 वर्षीय बालक के भागने के समाचार भी सामने आ चुके हैं। इनमें से एक परीक्षा में एक विषय में फेल होने के कारण परिजनों की डांट से बचने के लिए भागा था दूसरे मामले में भी कुछ इसी तरह का कारण सामने आया है। इन घटनाओं का उल्लेख करते हुए थाना प्रभारी ने बताया कि इस तरह के ज्यादातर मामले सोशल मीडिया और टीवी पर आने वाले कार्यक्रमों से प्रभावित होते हैं जो सामाजिक चिंता का विषय है। पुलिस तो अपना काम करती ही है लेकिन अभिभावकों को भी इस और गंभीरता से ध्यान देना आवश्यक होता है।







