
बजट से युवाओं की उम्मीदें पूरी नहीं हुईं ,विवेक तन्खा
ममता बनर्जी की तारीफ, शिवराज से मानहानि केस वापस लेने पर भी दी सफाई
जबलपुर ,यशभारत।राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने केंद्र सरकार के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस प्रकार की उम्मीदें जनता, विशेषकर युवाओं को रोजगार के अवसरों को लेकर थीं, वे बजट में पूरी होती नजर नहीं आ रहीं। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में बजट में कोई ठोस और प्रभावी प्रावधान दिखाई नहीं देता।
ममता बनर्जी ने रचा इतिहास
सांसद विवेक तन्खा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। तन्खा के अनुसार पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने स्वयं सुप्रीम कोर्ट में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा। यह कदम न केवल साहसिक है, बल्कि संघीय ढांचे और संवैधानिक अधिकारों की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
शिवराज से मानहानि केस आपसी सहमति से वापस
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ दायर मानहानि प्रकरण को वापस लेने के सवाल पर तन्खा ने स्पष्ट किया कि यह मामला लगभग पांच वर्षों तक सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन रहा। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने टिप्पणी की थी कि दोनों ही पक्ष देश के वरिष्ठ और बड़े नेता हैं। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान से व्यक्तिगत मुलाकात हुई और आपसी सहमति से मानहानि का मामला वापस लेने का निर्णय लिया गया।
धर्मगुरुओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार जरूरी
प्रयागराज में जगतगुरु शंकराचार्य के स्नान से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए विवेक तन्खा ने कहा कि किसी भी धर्मगुरु के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए। धर्म से देश और प्रत्येक व्यक्ति की आस्था जुड़ी होती है, इसलिए ऐसे मामलों में संवेदनशीलता, सम्मान और मर्यादा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।







