मप्र के युवाओं के लिए रोजगार से जोड़ने वाले कौशल कोर्स शुरू होंगे – प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में प्रदेश का प्रदर्शन बेहतर, अधिक से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देने के निर्देश

मप्र के युवाओं के लिए रोजगार से जोड़ने वाले कौशल कोर्स शुरू होंगे
– प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में प्रदेश का प्रदर्शन बेहतर, अधिक से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देने के निर्देश
फोटो कैप्शन: समत्व भवन में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते मुख्यमंत्री।
भोपाल, यश भारत । मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए प्रदेश में ऐसे नए और उपयोगी कौशल कोर्स तैयार किए जाएं, जिनसे प्रशिक्षण के तुरंत बाद रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना सहित अन्य कौशल विकास कार्यक्रमों से अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश समत्व भवन में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और राज्य मंत्री गौतम टेटवाल भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को स्किल कैपिटल बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। देश में बड़ी युवा आबादी को देखते हुए उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाए ताकि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को तत्काल रोजगार मिल सके।
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत देश में सबसे अधिक 11 हजार 400 प्रशिक्षणार्थियों का नामांकन मध्यप्रदेश में हुआ है। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय स्तर की आईटीआई ग्रेडिंग में मध्यप्रदेश को पांचवां स्थान मिला है। प्रदेश की 47 शासकीय आईटीआई को 10 में से 9 प्लस ग्रेडिंग स्कोर प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के तहत वर्तमान में लगभग 20 हजार से अधिक व्यक्तियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण की संख्या को दोगुना किया जाए। साथ ही वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में विभिन्न गतिविधियों से युवाओं को जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएं।







