सागर आईजी की लापरवाह दरोगा और एसआई पर कार्रवाई: निर्दोष व्यक्ति को परेशान करना महंगा पड़ा, टीआई और एसआई लाइन अटैच

जबलपुर, यशभारत। सागर आईजी अनुराग ने दमोह कोतवाली दरोगा और एसआई पर लाइन अटैच की कार्रवाई की है। आवेदक मुकेश पिता रामप्रसाद असादी निवारी सिविल लाइन वार्डं न. 8 जिला दमोह के शिकायत आवेदन पर पुलिस अधीक्षक दमोह से जांच प्रतिवेदन 13.07.2022 प्राप्त किया गया। जांच प्रतिवेदन में सलग्न अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दमोह के जांच प्रतिवेदन सहपत्रों का अवलोकन किया गया। जिसके तहत थाना कोतवाली जिला दमोह के अपराध क्रमांक- 119 / 22 धारा 294, 323, 324 506, 34 भादवि की विवेचना उप निरीक्षक सुश्री सविता रजक द्वारा की गई । विवेचना उपरान्त कार्यवाहक निरीक्षक सत्येन्द्र सिंह राजपूत द्वारा बिना तस्दीक किये चालान क्रमांक- 271/22 कता किया गया । उक्त अपराध अरनव असाटी, शिवम असाटी एवं दो अन्य अज्ञात लड़कों के विरूद्ध दर्ज किया गया था ।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दमोह के जांच प्रतिवेदन के जांच निष्कर्ष के अनुसार अमन असाटी की थाना कोतवाली जिला दमोह के अपराध क्रमांक- 119 / 22 22 धारा 294, 323, 324, 506, 34 भादवि में संलिप्तता नहीं पाई गई। जांच निष्कर्ष से पाया गया कि विवेचक सुश्री सविता रजक लापरवाही पूर्वक त्रुटिपूर्ण विवेचना की गई एवं एक निर्दोष व्यक्ति अमन असाटी को आरोपी बनाया गया । विवेचना के दौरान अमन असाटी को थाना प्रभारी द्वारा अकारण थाने में बैठाकर परेशान किया गया तथा कार्यवाहक निरीक्षक सत्येन्द्र सिंह राजपूत थाना प्रभारी कोतवाली जिला दमोह द्वारा विवेचना की तस्दीक किये बिना चालान कला किया जाना प्रमाणित पाया गया। उक्त स्थिति न केवल एक निर्दोष व्यक्ति के विरुद्ध अन्याय है अपितु इससे पुलिस की छवि भी धूमिल होती है, जिससे आम जनता में पुलिस के प्रति अविश्वास बढ़ता है । प्रकरण की निष्पक्ष विवेचना हेतु कार्यवाहक निरीक्षक सत्येन्द्र सिंह राजपूत थाना प्रभारी कोतवाली जिला दमोह एवं उनि सुश्री सविता रजक को तत्काल प्रभाव से रक्षित केन्द्र दमोह सम्बद्ध किया जाता है ।







