जबलपुर में एससी-एसटी अत्याचार मामलों की समीक्षा, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश

जबलपुर। उप पुलिस अधीक्षक अजाक कार्यालय, जबलपुर में मंगलवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत दर्ज एवं लंबित अपराधों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2025 और वर्ष 2026 में दर्ज प्रकरणों की स्थिति तथा लंबित मामलों में की गई कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025 में कुल 373 अपराध पंजीबद्ध हुए थे, जबकि वर्ष 2026 में 12 मई तक 153 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इस प्रकार दोनों वर्षों में अब तक कुल 526 प्रकरण दर्ज हुए हैं।
पुलिस अधीक्षक, जबलपुर ने सभी थाना प्रभारियों को लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए हैं। समीक्षा में सामने आया कि अब तक 412 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि वर्तमान में 114 मामले लंबित हैं। इन लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के खिलाफ अपराधों की रोकथाम और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा समय-समय पर विभिन्न थाना क्षेत्रों में जनचेतना शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। वर्ष 2025 में कुल 21 जनचेतना शिविर आयोजित किए गए थे, वहीं वर्ष 2026 में अब तक 7 शिविर आयोजित हो चुके हैं।
इसके अलावा नेशनल हेल्पलाइन अगेंस्ट एट्रोसिटीज पोर्टल (NHAA Portal) पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित निराकरण की भी जानकारी दी गई। वर्ष 2025-26 के दौरान पोर्टल पर प्राप्त 55 शिकायतों में से 52 का निराकरण किया जा चुका है, जबकि शेष शिकायतों पर कार्रवाई जारी है। पुलिस विभाग ने कहा है कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के नागरिकों की सुरक्षा, उन्हें न्याय दिलाने और अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही







